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दुबई में बैठा महाठग: कोतवाली में दरोगा ने तामील करा दिया नोटिस, दर्ज हैं चार हजार से अधिक धोखाधड़ी के मामले

Mon, 03 Jan 2022 10:33 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर देहात
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यूपी पुलिस - फोटो : डेमो
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विवेचना में खानापूरी करना कानपुर देहात के अकबरपुर कोतवाली के एक दरोगा को भारी पड़ गया। धोखाधड़ी के मामले में आरोपी को कोतवाली बुलाकर नोटिस तामील करा दिया। ये देख अफसरों का माथा ठनक गया। आरोपी पर पहले से ही प्रदेश के विभिन्न जिलों में चार हजार से अधिक मामले धोखाधड़ी के दर्ज हैं। महागठ के नाम से कुख्यात प्रयागराज का रहने वाला मोहम्मद राशिद नसीम पुलिस से बचने के लिए दुबई में डेरा डाले है।
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कई जिलों से उस पर ईनाम भी घोषित है। इससे बेखबर दरोगा ने आम मुल्जिमों की तरह एफआईआर का नोटिस कागजी खानापूरी में तामील करा दिया। एसपी ने मामले की जांच सीओ भोगनीपुर को सौंपी है। अकबरपुर कोतवाली में सिपाही माधव त्रिवेदी ने 28 मार्च 2020 को गोमतीनगर लखनऊ स्थित दफ्तर व साइन सिटी कंपनी के एमडी मोहम्मद राशिद नसीम, उदित प्रकाश व मोहित कुमार पर धोखाधड़ी, जान से मारने की धमकी देने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

माधव का आरोप है कि कंपनी के एजेंटों ने चार बार में दो लाख 75 हजार रुपये की ठगी सस्ते प्लाट दिलाने के नाम पर कर ली। मामले की विवेचना कोतवाली में तैनात दरोगा मंजीत दयाल को दी गई। सात साल से कम सजा होने की वजह से विवेचक ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने का नोटिस तैयार कराया। इसके बाद विवेचना में जिक्र किया कि आरोपी राशिद नसीम ने अकबरपुर कोतवाली आकर एफआईआर का नोटिस रिसीव किया है। इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को हुई तो हड़कंप मच गया।
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पुलिस के अनुसार आरोपी राशिद नसीम पर प्रदेश के विभिन्न जिलों में पहले से ही चार हजार से अधिक धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। उस पर करीब 60 हजार करोड़ रुपये की ठगी का आरोप है। प्रदेश के अलावा गैर प्रांतों की पुलिस भी उसे ढूंढ रही है। उसे कोतवाली में बुलाकर नोटिस रिसीव कराना अफसरों के गले नहीं उतर रहा है। इससे दरोगा की भूमिका कठघरे में हो गई है। एसपी केशव कुमार चौधरी ने मामले की जांच सीओ भोगनीपुर को सौंपी है। इसके बाद दरोगा पर कार्रवाई हो सकती है।   

 
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प्लाट व मकान का ख्वाब दिखा राशिद नसीम ने लोगों को ठगा
मोहम्मद राशिद नसीम प्रयागराज जिले के करेली जीबीटी नगर का रहने वाला है। साइन सिटी नाम की रियल स्टेट कंपनी बनाकर उसने मध्यम वर्गीय लोगों को बड़े शहरों में आशियाना बनाने का सपना दिखाया। उन्हें प्लॉट और मकान का ख्वाब दिखाकर कंपनी में धन निवेश कराया। मामले में प्रयागराज हाईकोर्ट में कंपनी के कुछ कर्मचारियों ने पीआईएल दाखिल कर देश भर के लोगों से करीब 60 हजार करोड़ रुपये की ठगी की बात कही है। निवेश की गई रकम की अवधि पूरी होने पर लोगों ने प्लाट व मकान की मांग की तो वो टालने लगा। इसके बाद उस पर व एजेंटों पर एफआईआर दर्ज होना शुरू हो गई। पुलिस ने तलाश शुरू की तो वह भारत छोड़कर दुबई चला गया। ये पुलिस की जांच में भी सामने आ चुका है।  

एमडी, उसका भाई व कर्मचारी के खिलाफ दर्ज हैं केस
साइन सिटी कंपनी और उसके एमडी राशिद नसीम, उसके भाई आसिफ नसीम के साथ ही कंपनी के 40 से अधिक अफसरों और कर्मचारियों के खिलाफ अब तक लखनऊ समेत प्रदेश के कई जिलों के अलावा दिल्ली, बिहार, पश्चिम बंगाल, गुवाहाटी जैसे राज्यों में धोखाधड़ी के हजारों मामले दर्ज हो चुके हैं। राशिद नसीम की पत्नी को लखनऊ व भाई आसिफ नसीम को प्रयागराज के फाफामऊ से गिरफ्तार किया जा चुका है। वर्तमान में यह लखनऊ जेल में बंद है। मामले में अब तक 47 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं। सूत्र बताते हैं कि देश में दस लाख से अधिक लोग कंपनी की ठगी का शिकार हो चुके हैं। केवल उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में 4000 से अधिक मुकदमे उस पर दर्ज हैं। लखनऊ के गोमतीनगर थाने में ही धोखाधड़ी के 300 से अधिक केस दर्ज हैं। सरकार ने दोनों भाइयों पर पर पांच-पांच लाख रुपये का इनाम घोषित किया है।

राशिद नसीम बड़ा ठग है। उसके खिलाफ प्रदेश के विभिन्न जिलों में बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। ऐसे आरोपी का कोतवाली आकर एफआईआर का नोटिस रिसीव करना प्रथम दृष्टया सच साबित नहीं हो रहा है। दरोगा ने नोटिस तामील कराने की जानकारी दी है। पूरे प्रकरण की जांच सीओ भोगनीपुर को सौंपी गई है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
केशव कुमार चौधरी, एसपी
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