अनोखी है तांडव नृत्य करती शिव प्रतिमा
गुरु गोरखनाथ की तपोस्थली ऐतिहासिक गोरखगिरि पहाड़ के नीचे स्थापित तांडव नृत्य करती शिव प्रतिमा उत्तर भारत में अपनी किस्म की अनोखी प्रतिमा है। तांडव नृत्य करती शिव प्रतिमा का निर्माण दसवीं से 11वीं शताब्दी के बीच चंदेल शासक ने कराया था।
15 फीट ऊंची है मूर्ति, रात में दूधिया रोशनी ने जगमगाता है मंदिर
ग्रेनाइट शिला पर दस भुजीय तांडव नृत्य करती प्रतिमा सहज ही भक्तों को आकर्षित करती है। प्रतिमा की ऊंचाई 15 फीट है। बुंदेली समाज के संयोजक तारा पाटकर बताते हैं कि इसका वर्णन कर्म पुराण में भी मिलता है। ऐसी ही प्रतिमा दक्षिण के ऐलोरा, हेलबिका व दारापुरम में भी है। पर्यटन को लेकर मंदिर में काम चल रहा है। आकर्षण लाइटिंग और बड़ी मरकरी लगाए जाने से रात में मंदिर दूधिया रोशनी से जगमगाता है।