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महाशिवरात्रि 2023: शिवालयों में उमड़ी शिव भक्तों की भीड़, लगे बम-बम भोले के जयकारे

Sat, 18 Feb 2023 10:43 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

महाशिवरात्रि पर भक्तों ने शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, दही, घी, शहद, गन्ने के रस आदि से भगवान का अभिषेक कर उनका श्रृंगार किया। मान्यता है कि इस दिन शिवलिंग पर गंगा जल अर्पित करने से भौतिक सुखों की प्राप्ति होती है। बेलपत्र चढ़ाने से शिवजी का मस्तिष्क शीतल रहता है और वे भक्त की दरिद्रता दूर करते हैं।
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महाशिवरात्रि 2023 - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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महाशिवरात्रि पर शिवालयों में भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। देर रात से ही परमट, जागेश्वर, वन खंडेश्वर, सिद्धेश्वर, पातालेश्वर आदि मंदिरों में भक्तों की कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। भोले की भक्ति में श्रद्धालुओं ने रतजगा किया। देर रात पट खुलते ही बम-बम भोले से शिवालय गूंज उठे। परमट स्थित आनंदेश्वर मंदिर में शुक्रवार को देर शाम आठ बजे भक्तों का प्रवेश बंद कर दिया गया था। देर रात 12 बजे से ही भक्तों की लंबी लाइन लग गई। रात दो बजे मंगला आरती के साथ पट खुलते ही बम-बम भोले के जयकारों से मंदिर परिसर गूंज उठा।

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मंदिरों में कदम-कदम पर पुलिस का पहरा रहा। सीसीटीवी कैमरों से भी मंदिरों की निगरानी की जाती रही। भक्तों के आने और जाने के लिए बैरिकेडिंग लगाए गए। पीरोड स्थित वनखंडेश्वर मंदिर और नवाबगंज स्थित जागेश्वर मंदिर में भी देर रात से ही श्रद्धालुओं की भीड़ पहुंच गई। यहां तड़के 3:30 पर मंगला आरती के बाद पट खोले गए।

भक्तों ने भगवान शिव का अभिषेक करने के लिए घंटों लाइन में लग कर इंतजार किया। शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, दही, घी, शहद, गन्ने के रस आदि से भगवान का अभिषेक कर उनका श्रृंगार किया। जगह-जगह मंदिरों के बाहर भंडारे में लोगों ने भगवान का प्रसाद ग्रहण किया। मान्यता है कि इस दिन शिवलिंग पर गंगा जल अर्पित करने से भौतिक सुखों की प्राप्ति होती है। बेलपत्र चढ़ाने से शिवजी का मस्तिष्क शीतल रहता है और वे भक्त की दरिद्रता दूर करते हैं।

सुखमय वैवाहिक जीवन के लिए बेला के फूल अर्पित करें। धन-धान्य के लिए जूही के फूल और समृद्धि के लिए हर-सिंगार के फूल चढ़ाएं। भगवान शिव का दही से अभिषेक करने से संपत्ति में बढ़ोतरी होती है। रुका धन प्राप्त करने के लिए नंदी (बैल) को हरा चारा खिलाएं। जल में शहद मिलाकर अर्पित करने से नौकरी में तरक्की मिलती है।

कालसर्प दोष का निवारण
ज्योतिष विशेषज्ञ अनुभव त्रिवेदी ने बताया कि जिन जातकों की जन्म कुंडली में कालसर्प दोष व अर्ध कालसर्प दोष होता है, उनके परिवार में अक्सर वाद-विवाद बना रहता है। उनका सारा प्रयास और परिश्रम उनके अनुरूप सफल नहीं होता। ऐसे में महाशिवरात्रि के पवन पर्व पर यदि वह शिवलिंग पर तांबे व चांदी की धातु का बना नाग अर्पित करते हैं तो राहू केतु जैसे पापी ग्रह शांत होते हैं जो इस दोष का निर्माण करते हैं।

राशिवार करें पूजन
मेष: शिवलिंग को जलाभिषेक कर लाल चंदन अर्पित करें।
वृष: इन जातकों को शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित करना लाभप्रद रहेगा।
मिथुन: ऐसे जातक शिवलिंग को जलाभिषेक कर इत्र अर्पित करें।
कर्क: यह जातक लाल चंदन व लाल फूल अर्पित कर महादेव की कृपा प्राप्त कर सकते हैं।

सिंह: ऐसे जातक गेंदे के पीले फूल अर्पित करें। 
कन्या: किसी पावन जल में काले तिल मिला कर शिवलिंग को जलाभिषेक कराएं।
तुला: शिवलिंग को जलाभिषेक कर गुलाब से निर्मित इत्र को अर्पित करे।
वृश्चिक: ऐसे जातक को भांग, धतूरा व बेल का पत्ता अर्पित करना चाहिए।
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धनु: शिवलिंग को जलाभिषेक कर लाल चंदन अर्पित करें।
मकर: इन जातक को सफेद चंदन व मोगरा अर्पित करना चाहिए।
कुंभ: शिवलिंग को जलाभिषेक कर बेलपत्र अर्पित करें।
मीन: ऐसे जातकों के लोग कच्चे दूध में काले तिल मिला कर शिवलिंग पर अर्पित करें।
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