शहर के प्रमुख मंदिरों के महंतों ने बांग्लादेश में शांति स्थापना के लिए सेना भेजने की मांग उठाई है। साथ ही कहा कि मांग को लेकर 10 दिसंबर को बड़ा चौराहे पर धरना देंगे।
शहर के प्रमुख मंदिरों के महंतों ने हिंदुओं की रक्षा और शांति स्थापना के लिए बांग्लादेश में मोदी सरकार से शांति सेना भेजने की मांग की है। बांग्लादेशी हिंदू रक्षा संघर्ष समिति की ओर से सिविल लाइंस स्थित होटल लिटिल में बुधवार को हुई पत्रकार वार्ता में यह मांग की गई।
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पनकीधाम मंदिर के महंत जितेंद्रदास, अरुण पुरी, रमाकांत महाराज, बाबा आनंदेश्वर मंदिर के महंत अरुण भारती ने हिंदू समाज से आह्वान करते हुए कहा कि बांग्लादेशी हिंदुओं के समर्थन और वैश्विक समुदाय पर दबाव बनाने के लिए 10 दिसंबर को बड़ा चौराहे पर दोपहर एक बजे समिति की ओर से धरना दिया जाएगा। बाद में राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन मंडलायुक्त को सौंपा जाएगा।
कहा कि जिस तरह पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के समय श्रीलंका में राजनीतिक उथल-पुथल होने पर शांति सेना भेजी गई थी, उसी तरह अब बांग्लादेश में हिंदुओं पर किए जा रहे अत्याचार को रोकने के लिए वैसी ही पहल होनी चाहिए। कहा कि वैश्विक संगठन, मानवाधिकार संस्थाएं बांग्लादेश सरकार पर दबाव बनाएं। वहां पर हिंदुओं का उत्पीड़न, अत्याचार, देवालयों को लक्षित कर निशाना बनाए जाने की घटनाओं को तत्काल रोका जाए। साथ ही इस्कॉन के मुख्य पुजारी चिन्मय कृष्ण दास प्रभु की तत्काल रिहाई हो।