वाराणसी से इंदौर वाया कानपुर 16 फरवरी से शुरू होने वाली महाकाल एक्सप्रेस से कानपुर के भी यात्रियों को खासी राहत मिलेगी। उज्जैन स्थित ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर जाने के लिए यह ट्रेन अच्छा विकल्प बनेगी। अभी तक कानपुर से उज्जैन जाने वाली सिर्र्फ छह ट्रेनें हैं।
साबरमती एक्सप्रेस ही सातों दिन चलती है लेकिन वह अहमदाबाद तक जाती है। इसलिए इसमें भी ज्यादातर गुजरात जाने वालों की संख्या होने से कानपुर के यात्रियों को सीट नहीं मिलती है। वहीं, इंदौर जाने के लिए यहां से सिर्फ तीन ट्रेनें हैं।
कारपोरेट ट्रेन में यात्रियों की संख्या के हिसाब से बढ़ सकते हैं कोच
तेजस के बाद महाकाल एक्सप्रेस देश की दूसरी कारपोरेट ट्रेन है। ऐसे में अगर यात्रियों की संख्या बढ़ती है तो कोचों की संख्या भी बढ़ाने की आईआरसीटीसी को छूट है। महाकाल एक्सप्रेस में यात्री सुविधाएं और खाने-पीने की ज्यादा सुविधाएं होने से इस कारपोरेट ट्रेन को कानपुर के यात्री हाथों हाथ लेंगे।
उज्जैन के लिए कानपुर से साबरमती, पटना-इंदौर एक्सप्रेस, गोरखपुर-ओखा, मुजफ्फरपुर एक्सप्रेस, कामाख्या इंदौर एक्सप्रेस हैं। इंदौर-पटना एक्सप्रेस, पटना राजधानी और कामाख्या-इंदौर एक्सप्रेस ही चलती हैं।
11 घंटे में उज्जैन, 13 घंटे में इंदौर पहुंचेगी
सप्ताह में तीन दिन चलने वाली महाकाल एक्सप्रेस काशी से इंदौर 19 घंटे में पहुंचेगी। मंगलवार और बृहस्पतिवार को वाराणसी कैंट स्टेशन से दोपहर पौने तीन बजे ट्रेन (82401) चलेगी। सुल्तानपुर, लखनऊ होकर कानपुर सेंट्रल रात आठ बजे पहुंचेगी और 8:55 बजे रवाना होगी। झांसी, बीना, भोपाल होते हुए अगले दिन सुबह सुबह आठ बजे उज्जैन और सुबह 9.40 बजे इंदौर पहुंचेगी।
रविवार को महाकाल एक्सप्रेस (82403) कैंट स्टेशन से दोपहर सवा तीन बजे चलेगी और प्रयागराज, कानपुर, झांसी, बीना, भोपाल, उज्जैन होते हुए सुबह 9.40 बजे इंदौर पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन (82402) इंदौर से बुधवार और शुक्रवार को और ट्रेन (82404) सुबह 10:55 बजे चलेगी। कानपुर यह ट्रेन रात 11:35 बजे पहुंचेगी और पांच मिनट बाद रवाना होगी। रात 2:35 बजे वाराणसी पहुंचेगी।