सोमवार को शहर जाम से कराह उठा। पूरब-पश्चिम-उत्तर-दक्षिण, हर ओर सुबह से लेकर रात तक हजारों वाहन फंसे रहे और लाखों शहरी हलाकान हो गए। कई जगह एंबुलेंसे भी फंसी रहीं लेकिन कहीं ट्रैफिक पुलिस नजर नहीं आई। जिला और ट्रैफिक पुलिस चुनाव ड्यूटी में लगी है। शहर के चौराहे भगवान भरोसे हैं।
सोमवार को फजलगंज चौराहे पर ट्रैफिक लोड इतना बढ़ गया कि जाम लग गया। जल्दी निकलने के चक्कर में वाहन आड़े-तिरछे बीच चौराहे पर फंसे रहे। गोविंदपुरी पुल की तरफ से आने वाले वाहनों को रास्ता नहीं मिला। हालात यह हो गए कि गोविंदपुरी पुल तक वाहनों की लाइन लग गई।
इधर, दर्शनपुरवा और उधर विजय नगर तक वाहनों की लाइन लग गई। दादानगर पुल दोपहर बाद तीन बजे से जाम में जकड़ गया। रात आठ बजे तक यहां वाहन फंसते रहे। हैलट पुल पर जाम में एंबुलेंस फंसी रही। नजीराबाद थाने वाली रोड पर वाहनों की कतार लगी रही।
गलियों से थाने की तरफ आए वाहन बीच में फंस गए। इसी तरह कारसेट चौराहे पर जल्दी निकलने के चक्कर में जाम लग गया। काफी देर तक जाम नहीं खुला तो एकता पुलिस चौकी से दरोगा लाठी लेकर निकले। रात को करीब 7:30 बजे मोतीझील चौराहा पर कार निकालने के चक्कर में जाम लग गया। देखते ही देखते हैलट और बेनाझाबर की तरफ वाहनों की कतार लग गई।