कानपुर। मदरसों के सारे कागजात पूरे कराने के साथ फायर सेफ्टी सिस्टम लगवा लें। वहीं, मानक विहीन मदरसे खुद ही बंद कर दें। यह अपील जमीयत उलेमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने की। वह जाजमऊ स्थित मदरसे में जमीयत उलेमा-ए-हिंद की ओर से आयोजित कॉन्फ्रेंस में दूसरे दिन मदरसा संचालकों व संस्था के सदस्यों को संबोधित कर रहे थे। कॉन्फ्रेंस में पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों से सभी पदाधिकारी व सदस्य शामिल हुए।
कारी मुजीबुल्ला ने तिलावत-ए-कुरान से कार्यक्रम की शुरूआत की। मौलाना अमीनुल हक अब्दुल्ला ने बताया कि काफी दिनों से जमीयत उलेमा हिंद के मदरसों को बंद कराया जा रहा है। ऐसे मदरसों ने अपनी समस्याएं रखीं। मुख्य वक्ता जमीयत उलेमा हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना महमूद असद मदनी ने कहा कि मदरसे बच्चों के प्रवेश की जानकारी में पारदर्शिता रखें, गुणवत्तापरक पढ़ाई के लिए अच्छे शिक्षकों को रखा जाए। मदरसे अपनी जमीन पर हों। मौके पर मौलाना अब्दुल हई, मुफ्ती इकबाल अहमद कासमी, मुफ्ती बिलाल, तारिक शम्सी, हाफिज अबूबकर अबूबकर सिद्दीक, मुफ्ती अकबर आदि मौजूद रहे।
मौलाना महमूद असद मदनी ने भारत-पाकिस्तान युद्ध को लेकर हुए सवाल पर कहा कि जंग किसी मसले का हल नहीं होती है। जंग रुक गई है यह अच्छी बात है। अब हमें अपने ही देश में हो रही जंग को भी रोकना होगा, ताकि देश के लोग राजी खुशी से रह सकें।