कानपुर। डॉ. मुरारीलाल चेस्ट हॉस्पिटल के नए ब्लॉक में सांस तंत्र के रोगियों को हर तरह की सुविधा उपलब्ध रहेगी। फेफड़ों की गांठों, कैंसर की सर्जरी के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। उन्हें एक छत के नीचे सारी सुविधा मिलेगी। साथ ही टीबी के मल्टी ड्रग रेजिस्टेंट, एक्सटेंसिव ड्रग रेजिस्टेंट रोगियों के लिए अलग आईसीयू भी होगा। इससे दूसरे टीबी रोगियों का संक्रमण से बचाव होगा। नए ब्लॉक में इंटेंसिव केयर की विशेष सुविधा रहेगी।
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने डॉ. मुरारीलाल चेस्ट हॉस्पिटल परिसर में नए ब्लॉक का प्रस्ताव नए सिरे से बनाकर शासन को भेजा है। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि एक साल पहले भी प्रस्ताव भेजा गया था लेकिन इसे स्वीकृत नहीं किया। इसे संशोधित करके फिर शासन को भेजा गया है। अगले वित्तीय वर्ष के बजट में इसे शामिल किया जाएगा। शासन की मंशा के अनुरूप इसमें नई सुविधाओं को भी जोड़ा गया है। डॉ. काला ने बताया कि सांस तंत्र के रोगियों में इजाफा हुआ है। नया ब्लॉक बनने से रोगियों को राहत मिलेगी।
नए प्रस्ताव का अनुमानित बजट 49 करोड़ रुपये हैं। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित भवन ग्राउंड फ्लोर मिलाकर छह तल का है। रोगियों के लिए अलग से ट्राईएज एरिया रहेगा। इसके अलावा रोगियों के परिजनों को बैठने की व्यवस्था रहेगी। इसमें मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर भी रहेंगे। इसमें सांस तंत्र से जुड़ी दिक्कतों के लिए सर्जरी भी होगी। चेस्ट हॉस्पिटल और मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ रोगियों की सर्जरी करेंगे।
इसके अलावा वक्ष रोगों की जांच की व्यवस्था की जाएगी। यहां पर स्किल लैब बनेगा। अभी बहुत सी जांचें नहीं हो पाती हैं। चेस्ट हॉस्पिटल में अभी पांच बेड का आईसीयू है। यह हमेशा फुल रहता है लेकिन सामान्य टीबी और एमडीआर रोगियों के लिए अलग व्यवस्था नहीं है। दोनों के लिए अलग इंटेंसिव केयर की व्यवस्था रहेगी। साथ ही निचले तल पर इमरजेंसी बनाई जाएगी। इसमें गंभीर रोगियों को रखकर उनकी स्थिति स्थिर की जाएगी।