कानपुर। टाइप-1 डायबिटीज में इंसुलिन इंजेक्शन की जरूरत जिंदगी भर रहती है। बच्चों में अक्सर ये पांच यह आठ साल की उम्र में होती है और लापरवाही से और दिक्कत भी आ जाते हैं। इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए देश-विदेश से डॉक्टर शहर आ रहे हैं। यह जानकारी टाईयूपी और सोसाइटी फॉर प्रिवेंशन एंड अवेयरनेस ऑफ डायबिटीज के पदाधिकारियों ने गैंजेस क्लब में दी। डॉ. ऋषि शुक्ला ने बताया कि कार्यक्रम छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय में आयोजित किया जाएगा। इसमें डायबिटीज को लेकर फादर फिगर के रूप में पहचाने जाने वाले डॉ. पीएस एन मेनन, विश्व स्तर पर हाईपोग्लोइसीमिया पर काम करने वाले यूके से डॉ. साइमन हिलर भी आएंगे। यहां लिपिड के डिस्ऑर्डर, मेटाबॉलिक सिंड्रोम, टाइप-1 डायबिटीज में दवा का रोल जैसी मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। संवाद