उन्नाव में एक छात्र-छात्रा की मौत पर राज गहरा गया है। दोनों के शव एक बाग में फांसी के फंदे पर झूलते मिले। पुलिस के मुताबिक मामला प्रेम प्रसंग का लग रहा है। इस मामले में जब पुलिस ने परिजनों से पूछताछ की तो दोनों के परिवारों ने चुप्पी साध ली।
दोनों ने परिजनों की डांट या आपसी विवाद में यह कदम उठाया है। पूरा मामला जांच के बाद ही साफ होगा, क्योंकि अभी दोनों के परिजन भी कुछ भी बताने से बच रहे हैं। बारासगवर थाने के कुतबुद्दीन गढ़ेवा गांव निवासी श्रीराम रैदास का पुत्र दीपक (16) मंगलवार शाम करीब पांच बजे बिना बताए घर से चला गया। रात तक न लौटने पर परिजनों ने खोजबीन की।
सुबह ग्रामीणों ने गांव से करीब आठ सौ मीटर दूर छोटेलाल के बाग में दीपक का शव रस्सी के फंदे से लटका देखा तो पुलिस व परिजनों को सूचना दी। हल्का इंचार्ज श्रीकांत मौके पर पहुंचे। पुलिस जांच कर ही रही थी कि इसी बाग में करीब पचास मीटर दूर एक किशोरी का शव दुपट्टे के फंदे से लटका मिला। मृतका की पहचान इसी थाना क्षेत्र के बारा गांव निवासी केसन रैदास की बेटी सरोज (16) के रूप में हुई। परिजनों ने बताया कि सरोज घास लाने की बात कहकर सुबह करीब नौ बजे घर से निकली थी।
पुलिस की पूछताछ में ग्रामीणों ने बताया कि दीपक और सरोज अलग-अलग स्कूलों में पढ़ते थे। कई बार दोनों को साथ-साथ स्कूल जाते भी देखा गया। ग्रामीणों का कहना है कि दोनों में काफी समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था। पुलिस के मुताबिक सुबह दीपक के आत्महत्या करने की जानकारी होने पर सरोज भी देखने पहुंची थी और कुछ ही दूरी पर उसने भी फांसी लगा ली। प्रभारी थानाध्यक्ष अवधेश यादव ने बताया कि दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तफ्तीश के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। दोनों के परिजनों ने किसी तरह का कोई आरोप नहीं लगाया है। अभी केवल आत्महत्या की सूचना दर्ज कराई है।