मां-पीड़िता कोर्ट में बयान से मुकर गईं
थाने में रिपोर्ट न लिखे जाने पर पिता ने कोर्ट के माध्यम से 22 अगस्त 2013 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अधिवक्ता कपिलदीप सचान ने बताया कि मुकदमे की सुनवाई के दौरान पिता की मौत हो गई थी। पीड़िता व उसकी मां कोर्ट में बयान से मुकर गई थीं। पीड़िता बालिग थी। उसने राजू से प्रेम विवाह किया था।
पुलिस के दबावा में दिया झूठा बयान
लगभग आठ साल से वह राजू के साथ ही रह रही थी। पीडि़ता ने कोर्ट में कहा कि पुलिस वाले मुझे और मेरे माता-पिता को झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दे रहे थे। इसलिए मजिस्ट्रेट के सामने गलत बयान दिए। दुष्कर्म वाली बात पुलिस के दबाव में कही थी। इन सभी आधारों पर कोर्ट ने सभी आरोपियों को बाइज्जत बरी कर दिया।