15 लाख रुपये और मोबाइल फोन लूटा
वाहन के इंतजार में खड़े थे, तभी कार चालक ने बैठा लिया। कार 50 मीटर ही चली होगी, तभी दो और युवक आकर बैठे। पीड़ित का आरोप है कि बाद में बैठे लोगों ने उसके और साथी के साथ मारपीट की। डेढ़ किलोमीटर आगे जाकर हसनगंज के बराती खेड़ा गांव के पास 15 लाख रुपये और मोबाइल फोन लूटने के बाद भाग निकले।
रात दो बजे तक चलता रहा सीमा विवाद
पीड़ित के अनुसार उसने साथी के मोबाइल से पुलिस को सूचना दी। इसके बाद दूसरे वाहन से लकड़ी व्यापारी के पास बांगरमऊ पहुंचा। सूचना पर लखनऊ के काकोरी थाना एसओ प्रवीण सिंह और उन्नाव के हसनगंज कोतवाल राजेश सिंह भी पंहुचे। दोनों एसओ के बीच घटनास्थल को लेकर रात दो बजे तक सीमा विवाद चलता रहा।
मोबाइल को सर्विलांस पर लगाया
बुधवार सुबह एसपी सिद्धार्थ शंकर मीणा, एसपी शशि शेखर सिंह, सीओ बांगरमऊ, हसनगंज और लखनऊ फिर घटना स्थल पहुंचे और पीड़ित से पूछताछ की। मुनीम के लूटे गए मोबाइल को सर्विलांस पर लगाया, तो उसकी लोकेशन हसनगंज कोतवाली क्षेत्र के बड़ा देवगांव में मिली है।
सुधीर के 20 हजार रुपये और मोबाइल सुरक्षित
कार सवार लुटेरों ने सिर्फ शोभित को निशाना बनाया। इससे यह शक जाहिर किया जा रहा है कि लुटेरों को पहले से शोभित के पास रुपए होने की जानकारी थी। क्योंकि साथ रहे सुधीर की जेब में भी 20 हजार रुपये और मोबाइल था, वह नहीं लूटा।
सीमा विवाद को लेकर तीखी नोकझोंक
लूट की घटना के बाद हसनगंज और काकोरी एसओ में तीखी नोकझोंक हुई। हसनगंज कोतवाल के चालक से धक्कामुक्की भी हुई। सूत्रों के अनुसार काकोरी एसओ ने उच्चाधिकारियों से शिकायत कर निलंबित कराने तक की धमकी दे डाली।