लोकसभा चुनाव के लिए बिगुल बजने के एक महीने बाद इत्रनगरी में सियासी दंगल का अखाड़ा सज चुका है। फतह के लिए जोर आजमाइश शुरू हो चुकी है। लेकिन अभी तक सपा ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं। कन्नौज में चुनाव चौथे चरण में चुनाव होना है। 2019 में भाजपा के हाथों इस सीट को गंवाने वाली समाजवादी पार्टी ने यहां लगातार सात चुनाव में जीत हासिल की थी।
वर्ष 1998 से लेकर 2014 के बीच लगातार मिलती रही कामयाबी पर वर्ष 2019 में भाजपा ने इस पर विराम लगा दिया। भाजपा उसी कामयाबी को फिर दोहराना चाहती है। वहीं सपा अपना खोया आधार वापस पाना चाहती है। शायद किसी रणनीति के तहत ही उसने प्रत्याशी के नाम का एलान अब तक नहीं किया गया है।
हालांकि पार्टी से जुड़े लोगों का यही दावा है कि अपने इस गढ़ को फिर से हासिल करने के लिए खुद पार्टी मुखिया अखिलेश यादव ही मैदान में उतरेंगे। पिछला लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव भाजपा के हाथों हारने के बाद सपा इस बार हर कदम रणनीति के तहत उठा रही है। कार्यकर्ता अपने मुखिया अखिलेश यादव को ही प्रत्याशी मानकर क्षेत्र में प्रचार में जुटे हैं।