संकट की इस जंग में ऐसे भी कोरोना योद्धा हैं जो अकेले नहीं लड़ रहे हैं। साथ में उनका जीवन साथी भी जंग लड़ रहा है। चाहे वह डॉक्टर दंपति हो या पुलिसकर्मी। आम दिनों में उनका रूटीन भले ही ऐसा हो जिनमें वह कम समय के लिए साथ रहते हों, लेकिन इस लॉकडाउन में कुछ ऐसे हैं जो बिछड़ गए हैं। तो कुछ ऐसे हैं जो ड्यूटी कर अलग-अलग दरवाजों से घर में दाखिल होते हैं।
हैलट के कोविड-19 हॉस्पिटल के नोडल अधिकारी डॉ. अवधेश कुमार के घर का पूरा माहौल कोरोना रोगियों का इलाज करने के बाद से बदल गया है। उनकी पत्नी डॉ. शिवानी सिंह भी डफरिन में स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं। दोनों अपने घर के अलग-अलग दरवाजों से आते-जाते हैं।
डॉ. अवधेश मुख्य द्वार और उनकी पत्नी पिछले दरवाजे से आती-जाती हैं। ऐसा फैसला सुरक्षा कारणों से लिए गया है। घर में दाखिल होने से पहले बच्चे सैनिटाइज करते हैं। डॉ. अवधेश कुमार ने पर्स रखना बंद कर दिया है। बेल्ट भी नहीं पहनते हैं जिससे संक्रमण किसी भी स्थिति में परिवार को प्रभावित न करने पाए।
दो बेटियों को भी कोरोना के संबंध में जानकारी दे दी है। डॉ. शिवानी सिंह भी मास्क, गाउन, कैप आदि पहनकर घर से बाहर ड्यूटी के लिए निकलती हैं। डॉक्टर दंपति कहते हैं कि बीमारों का इलाज और घर की सुरक्षा दोनों जरूरी है। इसलिए दोनों जगह एहतियात बरता जाता है।