हरदोई- कोरोना संकट के चलते हुए लॉकडाउन में अधिकांश लोग घरों में बंद रहने को मजबूर हो गए। घर में ही बंद रहते-रहते बेशक लोग ऊबने भी लगे और 20 मार्च से पहले मिलने वाली तमाम सुविधाओं को याद कर हालात को कोसने से भी नहीं चूके। इस सबके बीच कई ऐसे काम भी हैं जिनको करने के लिए लोगों को खुद ही आगे आना पड़ रहा है। मसलन बाल काटने और मूंछ सेट करने का काम भी लॉकडाउन के दिनों में अधिकांश लोगों को खुद करना पड़ रहा है। दाढ़ी तो अधिकांश लोग अपने आप बना लेते हैं, लेकिन बाल काटना और मूंछ सेट करना हर किसी के वश की बात नहीं।
पेश है एक रिपोर्ट-
बड़े भाई की परेशानी देख छोटे भाई ने काट दिए बाल
शहर के बिलग्राम चुुंगी के निकट के निवासी सत्यम सिंह कनौजिया हमेशा से ही छोटे बाल रखते रहे हैं। लॉकडाउन के कारण नाइयों की दुकानों पर भी ताला पड़ गया तो 20 दिन में सत्यम के बाल भी खासे बड़े हो गए। सत्यम आए दिन अपने बालों पर खीझ रहे थे तो छोटे भाई शिवम कनौजिया ने रविवार को खुद ही उनके बाल काट दिए। शुरुआत में कटिंग बनने बिगडऩे पर आपसी प्यार भरी नोकझोक हुई लेकिन विकल्प न देख सत्यम ने भी भाई शिवम की बात मान ली।
बाबा ने पहले अपने और फिर पोते के बाल काटे
संडीला कस्बे के निवासी समाजसेवी गुरुप्रसाद गुप्ता ने लॉकडाउन के चलते नाइयों की दुकानें बंद होने पर अपने बाल खुद ही काट डाले। यह देखकर उनके पोते अथर्व ने पूछा कि यह क्या कर रहे तो जवाब दिया कि नाई की दुकानें अब नहीं खुल रही हैं। पोते ने अपने बड़े बाल दिखाते हुए कहा कि इन्हें भी काट दीजिए तो बाबा राजी खुशी तैयार हो गए। रविवार को बाबा ने अपने बाल काटने के बाद पोते अथर्व के बालों पर भी खुद ही कैंची चला दी। गुरुप्रसाद कहते हैं कि बिल्कुल दुकान की तरह तो नहीं कट पाए, लेकिन काफी हद तक बड़े बालों की बेचैनी से राहत मिल गई।
बैंक अधिकारी झंझट से बचने को हो गए गंजे, दाढ़ी-मूंछ भी साफ
शहर के मोहल्ला सुभाषनगर निवासी विवेक शुक्ला शहर में ही एक बैंक में अधिकारी हैं। लॉकडाउन के दौरान बैंकें लगातार खुल रही हैं और ऐसे में निर्धारित समय में विवेक को भी अपनी ड्यूटी पर जाना पड़ता है। पिछले कुछ दिनों में नाईयों की दुकानें बंद होने के कारण विवेक के सामने भी समस्या आ गई। बाल बेहद बड़े हो गए तो दाढ़ी भी बेतरतीब ढंग से बढ़ गई। पहले तो उन्होंने दाढ़ी को सेट करने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बनीं। रविवार को उन्होंने अपने बाल खुद ही साफ कर दिए। इसके बाद सोशल मीडिया के विभिन्न साधनों पर उन्होंने अपनी फोटो अपलोड करते हुए लिखा कि न रहेगा बांस न बजेगी बांसुरी, सारे बाल साफ। सिर के बाल के साथ ही उन्होंने दाढ़ी और मूंछे भी साफ कर दीं।
कटिंग में बिगड़ी सेटिंग तो हो गए गंजे
शहर के धर्मशाला रोड निवासी गौरव भी ऐसे लोगों में शुमार हैं जिनके लिए सिर के बड़े बाल सिर दर्द बने तो नाई की भूमिका खुद ही निभा ली। गौरव सिंह के बाल और दाढ़ी काफी बड़ी हो गई थी। गौरव बताते हैं कि दाढ़ी बना लेते हैं और मूंछ भी लगभग सेट कर लेते हैं, लेकिन सिर के बाल बनाना मुसीबत से कम नहीं। हालात के चलते यह काम भी खुद किया। पहले तो बाल काटकर छोटे करने की कोशिश करते रहे, लेकिन सेटिंग नहीं हो पाई तो फिर बालों को साफ कर खुद गंजे ही हो गए। उन्होंने बताया कि अब जब तक बाल कटने लायक होंगे तब तक लॉकडाउन खुल ही जाएगा।