उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में लॉकडाउन के चलते लोगों की रोजी-रोटी छिन जाने से आर्थिक तंगी से गुजर रहे लोगों ने बच्चों का पेट पालने के लिए दूसरा कारोबार अपना लिया है। मजदूरी करने वाले तमाम लोग घरों में पापड़ बनाकर दो जून की रोटी की जुगाड़ कर रहे हो।
वहीं दस साल पहले अपने पुश्तैनी कारोबार से नाता तोड़कर कर टैंपो चालक बना युवक संकट के समय में अब कटिंग करके परिवार का पेट पाल रहा है। एक माह से लॉकडाउन होने के बाद रोज कमाने-खाने वाले लोगों के सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है।
मजदूरों को मजदूरी नहीं मिल रही है। छोटे-छोटे फुटपाथी दुकानदारों का लॉकडाउन के चलते काम ठप हो जाने से आर्थिक स्थिति गड़बड़ा गई है। कोई कर्ज लेकर तो कोई घर में रखे खाद्यान्न से जीवनयापन कर रहा है। महोबा निवासी मोहम्मद जलीस के पूर्वज कटिंग का काम करते थे।
बड़े होने पर जलीस ने भी कुछ दिन कटिंग का काम किया लेकिन उसे पुश्तैनी कारोबार रास नहीं आया और उसने पुश्तैनी कार्य छोड़कर टेंपो चलाना शुरु कर दिया लेकिन लॉकडाउन में टेंपो बंद हो जाने से परेशान युवक को पुश्तैनी कारोबार याद आया। अब फोन आने पर वह घर में जाकर कटिंग करके परिवार पाल रहा है।