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लॉकडाउन में चमका सैलून का धंधा, होम सर्विस की बढ़ी मांग, सजने संवरने के लिए देने पड़ रहे मोटे दाम

Wed, 29 Apr 2020 12:54 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा सुरजीत तिवारी, अमऱ उजाला, कानपुर
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : amar ujala
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कोरोना की महामारी में भी बाल-दाढ़ी बनाने वाले कारीगरों की मांग बरकरार है। बड़े-बड़े सैलून से लेकर फुटपाथ तक पर दुकान लगाने वालों को लोग खोजते फिर रहे हैं। लॉकडाउन में सैलून व छोटी दुकानें बंद होने से इनकी डिमांड और बढ़ गई है। घर बुलाकर इनकी सेवा लेने के लिए लोगों को अधिक जेब ढीली करनी पड़ रही है। वैसे भी सामान्य दिनों में बाल, दाढ़ी, मसाज आदि की होम सर्विस के लिए लोगाें को सैलून व दुकान के रेट से करीब दोगुना चार्ज देना पड़ता है।  
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कोरोना संकट के चलते घरों में कैद लोगों के लिए बाल, दाढ़ी भी किसी बड़ी समस्या से कम नहीं है। बढ़ती गर्मी में बाल व दाढ़ी के बोझ से निजात के लिए लोग सैलून व छोटे दुकानों के कारीगरोें को घर बुला रहे हैं। चोरी-छिपे खुल रहीं दुकानों में बहुत से लोग संक्रमण के डर से नहीं जा रहे हैं। ऐसे में होम सर्विस की मांग बढ़ने से छोटे-बड़े सभी कारीगराें ने अपना भाव भी बढ़ा दिया है।  

बोले कारीगर
पंकज ने बताया कि वे पहले घर के पास एक सैलून में काम करते थे। इसके बाद बिरहाना रोड पर काम करने लगे लेकिन लॉकडाउन के चलते सैलून बंद हो गया। इसके बाद आसपास के लोग हेयर कटिंग, सेविंग के लिए घर पर आने लगे। पहले तो लोगों को मना किया, लेकिन जब मकान का किराया, परिवार का खर्च भारी पड़ने लगा तो घर-घर जाकर काम शुरू कर दिया। अब तो पहले से अधिक कमाई हो रही है।
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उमेश सविता ने बताया कि लॉकडाउन से पहले वे फुटपाथ पर गुमटी में काम करते थे। इससे जैसे तैसे परिवार चल रहा था। लेकिन इस समय काम भी खूब मिल रहा है और कमाई भी अच्छी हो रही है। पहले जहां महीने के अंत तक उधारी मांगने की नौबत आ जाती थी, वर्तमान में घर-घर सर्विस देने से रोजाना 700 से अधिक की कमाई हो जा रही है।

जीटी रोड किनारे गुमटी में सैलून चलाने वाले शिवमंगल कहते हैं कि  लॉकडाउन में पेट पालना भी मुश्किल हो रहा था। लेकिन जब से लोग हेयर कटिंग व सेविंग के लिए घर बुलाने लगे हैं तब से कमाई भी खूब हो रही है। पहले जो लोग उनकी गुमटी की तरफ देखते तक नहीं थे, वे भी बार-बार फोन कर रहे हैं। इस समय काम ही काम है।

तीन कटिंग के 200, सेविंग के 50
चकेरी के मोहन मिश्रा ने बताया कि सामान्य दिनों में हेयर कटिंग 30 व सेविंग 20 रुपये में होती थी। कुछ दिन पहले घर में पिता जी, बच्चे व अपना बाल कटवाना था। काफी प्रयास के बाद एक सैलून कर्मी घर आया। पूरी सावधानी व सैनिटाइजर के उपयोग के साथ तीनों लोगों की कटिंग हुई, जिसके लिए 200 रुपये दिए। एक सेविंग के लिए कारीगर ने 50 रुपये मांगे। 
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