राम नाम सत्य कहते हुए मुस्लिमों ने उठाई अर्थी
- फोटो : amar ujala
देश इस समय कोरोना वायरस की मार झेल रहा है लेकिन इसके बीच कुछ वाकये हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल भी बता रहे हैं। ऐसा ही वाकया कानपुर में देखने को मिला। जब यहां हिंदू-मुस्लिम मजहब की दीवार तोड़कर लोग एक दूसरे के सुख-दुख में कंधे से कंधा मिलाकर एक साथ खड़े हुए ताे हर किसी की जुबां से निकला, ये हमारा भारत है।
ये नजारा कानपुर के बाबूपुरवा इलाके में देखने को मिला। यहां मुंशीपुरवा में बुधवार को हिंदू-मुस्लिम भाईचारे की मिसाल देखने को मिली। हिंदू परिवार में गमी होने के बाद मुस्लिम भाइयों ने राम नाम सत्य कहते हुए अर्थी को कंधा दिया।
हिंदू रीति रिवाज का पालन करते हुए शव का अंतिम संस्कार कराया गया। बुधवार को मुंशीपुरवा स्थित डॉ. बिन्नी के भाई भारत उर्फ डब्लू की वृद्ध सास का बीमारी से देहांत हो गया। घर पर डॉ. बिन्नी, उनका बेटा बउवा व भाई भारत ही थे।
रिश्तेदार लॉकडाउन की वजह से नहीं पहुंच सके। आसपास रहने वाले मुस्लिम युवाओं ने उनकी मदद की। शरीफ, बबलू, इमरान, आफाक, उमर, जुगनू, भूलू, लतीफ, नौशाद, तौफीक आदि ने सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रखते हुए वृद्धा के शव को कंधा दिया। फिर अंतिम संस्कार कराने के बाद साथ में ही लौटे।