कानपुर स्थित हैलट अस्पताल के नेत्र रोग विभाग में सोमवार को लॉकडाउन के दौरान पहला ऑपरेशन किया गया। इसमें बालक की आंख की पुतली फटने से क्षतिग्रस्त हुई कार्निया को डॉक्टरों ने सुरक्षित बचा लिया।
फतेहपुर जिले के असोथर के 11 वर्षीय कोमल को 22 मई को घर के बाहर खेलते समय आंख में लकड़ी लग गई। इससे दिखाई देना बंद हो गया। क्षेत्रीय अस्पताल में जवाब देने के बाद परिजनों ने हैलट इमरजेंसी में भर्ती कराया।
मेडिकल कॉलेज नेत्र रोग विभाग की डॉ. शालिनी मोहन ने बताया कि बालक का अल्ट्रासाउंड कराने पर पता चला कि आंख में खून का थक्का जमा है। पुतली फटने के साथ ही पर्दा भी अपनी जगह से हट गया था।
कोरोना जांच रिपोर्ट आने के बाद सोमवार को ऑपरेशन कर कॉर्निया सुरक्षित कर लिया। आंख में 12 टांके लगे हैं। पट्टी खुलने के बाद पता चलेगा कि उसकी आंख की रोशनी लौटी है या नहीं। एक और ऑपरेशन करने की जरूरत पड़ सकती है।