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लग्जरी कार से 12 पेटी शराब बरामद, लॉकडाउन में जा रही थी बिकने, स्कूल और एनजीओ संचालक गिरफ्तार

Fri, 24 Apr 2020 10:41 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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इसी कार में मिली शराब की पेटियां - फोटो : amar ujala
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उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में पुलिस ने लॉकडाउन के दौरान बिक्री के लिए जा रही शराब की पेटियों को पकड़ा है ।  फजलगंज क्षेत्र में गोदाम से बेचने के लिए ले जाई जा रही अंग्रेजी शराब की खेप शुक्रवार को चमनगंज पुलिस ने लग्जरी कार से बरामद की।
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लॉकडाउन में शराब बेचने वाला एनजीओ एवं स्कूल संचालक राकेश दयाल गिरफ्तार कर लिया गया। उसके दो साथी फरार हैं। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि आर्य नगर के शराब व्यापारी मनोज कुमार पांडेय के गोदाम से शराब की सप्लाई की जा रही थी। इंस्पेक्टर चमनगंज राजबहादुर सिंह ने बताया कि सुबह दस बजे के करीब फजलगंज में संगीत सिनेमा के पास खड़ी इनोवा कार की तलाशी लेने पर शराब की 12 पेटियां (मैकडावल नंबर-1 की हाफ बोतलें) बरामद की गईं। कार चालक समेत दो लोग भाग गए।
 
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इस पर कार नंबर से उसके मालिक का पता लगाया गया तो चमनगंज के आनंदबाग के किराना कारोबारी प्रभुदयाल का पता चला। प्रभुदयाल ने बताया कि कार उनका बेटा राकेश दयाल चलाता है। इस पर पुलिस राकेश को पकड़कर थाने लाई।

लॉकडाउन के बाद शुरू किया धंधा
पूछताछ में राकेश ने बताया कि मनोज कुमार के फजलगंज स्थित गोदाम से दो गुने दाम पर शराब खरीदकर वह शहर भर में बेचता है। लॉकडाउन के बाद से मनोज के साथ मिलकर शराब का धंधा शुरू किया। शुक्रवार को दोस्त सागर और उसके चचेरे भाई दिलीप को मनोज के गोदाम से शराब लेने के लिए कार से भेजा था।

 
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इंस्पेक्टर का कहना है कि सागर और प्रदीप की तलाश की जा रही है। जिला आबकारी अधिकारी अरविंद मौर्या का कहना है कि फजलगंज में मनोज के तीन गोदाम हैं। करीब दस दिन पहले भी गोदाम से बेचने के लिए निकाली गई शराब पकड़ी गई थी। इसके बाद गोदाम सील करके लाइसेंस निरस्त करने की रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेज दी गई थी। प्रशासन ने अभी तक कार्रवाई नहीं की।

आबकारी विभाग की मिलीभगत की आशंका
इंस्पेक्टर राजबहादुर सिंह ने बताया कि राकेश के पिता की किराने की दुकान है। आवश्यक सामग्री सप्लाई के लिए प्रशासन ने पास जारी किया है। इसी पास पर राकेश गाड़ी से शहर भर में बेधड़क घूमकर शराब बेच रहा था। आशंका है कि वह पिता की दुकान से भी शराब की बिक्री कर रहा था। इसलिए दुकान की भी छानबीन की जा रही है। गोदाम सील होने के बावजूद यहां से शराब की सप्लाई होने से मामले में आबकारी विभाग की मिलीभगत की आशंका है। इसकी जांच के लिए डीआईजी को रिपोर्ट भेजी जा रही है।
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