कानपुर। लॉकडाउन की शुरुआत में धड़ाधड़ पीएफ से पैसे निकालने वालों की संख्या में अब कमी आई है। पहले क्षेत्रीय भविष्य निधि कार्यालय में जहां रोजाना औसतन 1500 आवेदन आ रहे थे, वहीं अब इनकी संख्या घटकर 700 से 800 ही रह गई है। माना जा रहा कि औद्योगिक इकाइयां और अन्य काम शुरू होने से लोगों की जीविका चल पड़ी है। इसके चलते ही आवेदनों में करीब 50 प्रतिशत की गिरावट आई है।
क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त कार्यालय के अधीन कानपुर रीजन में कानपुर नगर, कानपुर देहात, उन्नाव, फतेहपुर, बांदा, चित्रकूट, महोबा, हमीरपुर, जालौन, झांसी, ललितपुर, इटावा, औरैया, फर्रुखाबाद, कन्नौज के खाताधारकों के दावों का भुगतान किया जाता है। लॉकडाउन की शुरुआत में सरकार की ओर से पीएफ खाताधारकों के लिए महामारी अग्रिम सुविधा देने की घोषणा की गई थी। इसके तहत कोई भी खाताधारक 75 फीसदी तक या तीन महीने के मूल वेतन और महंगाई भत्ते में से जो भी कम होगा, उसे निकाल सकेगा। इसके बाद से विभाग आवेदनों की लाइन लगने लगी थी। जिन खाताधारकों की केवाईसी अपडेट थी, उनका 72 घंटे में भुगतान किया गया। वरिष्ठ पीएफ कर्मचारी नेता राजेश कुमार शुक्ला ने बताया कि शुरुआत में बड़ी अनिश्चितता थी कि काम कब से शुरू होंगे, कैसे शुरू होंगे। इस कारण लोगों ने जमकर पीएफ निकाले। अब सारी स्थिति स्पष्ट होने के बाद आवेदनों में कमी आई है।
प्रवासी श्रमिकों का आना जाना भी बड़ा कारण
कानपुर की इकाइयों में भी बड़ी संख्या में बाहर के श्रमिक काम करते हैं। लॉकडाउन में काम बंद होने के चलते ये लोग अपने घरों को लौट गए हैं। इस वजह से भी आवेदनों में कमी आई है।