कानपुर। शहर में कॉल मर्ज के पहले मामले को दर्ज कराने के लिए पीड़ित पिछले 11 दिनों से थाने और साइबर सेल का चक्कर काट रहा है। घटना अखबार की सुर्खियों में आयी तो एलआईयू सक्रिय हो गई। उच्चाधिकारियों के आदेश के बाद एलआईयू ने पुलिस की लापरवाही की जांच शुरू कर दी है। पीड़ित से संपर्क कर तहरीर और ठगी से जुड़े अन्य साक्ष्य मांगे हैं।
आवास विकास निवासी अनुपम मिश्रा पूजा पाठ कराते हैं। 19 मार्च की दोपहर साइबर ठगों ने छावनी क्षेत्र में मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के नाम पर पैसे भेजने के बहाने ठग लिया। उन्होंने बताया कि दक्षिणा के रुपये लेने के लिए यूपीआई का स्कैनर भेजने के बाद ठग ने उनकी पत्नी का नंबर लेकर वीडियो कॉल की और उनका फोन देखा। बोला, सेना में भुगतान से पहले सब कुछ तस्दीक करना जरूरी होता है। उसने फिर कॉल की और कॉल मर्ज करते हुए अपने ही किसी साथी को सैन्य अफसर बताकर बात कराई। कॉल काटने के करीब पांच मिनट बाद उसने फिर कॉल की और अनुपम को बैलेंस चेक करने को कहा। उन्होंने जैसे ही बैलेंस चेक किया कुछ ही सेकेंड में उनके खाते से 11 हजार रुपये कट गए। 25 मिनट बाद उन्होंने फिर से बैलेंस चेक किया जिसके बाद 51 हजार फिर कट गए।
खबर प्रकाशित होने के बाद उच्चधिकारियों ने एलआईयू को पुलिस की लापरवाही की जांच सौंपी है। पीड़ित अनुपम ने बताया कि एलआईयू और हंसपुरम चौकी से कॉल आया था। चूंकि उनके साथ ठगी हो चुकी है, ऐसे में उन्होंने कोई भी जानकारी फोन पर देने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा एलआईयू कार्यालय और हंसपुरम चौकी जाकर तहरीर व अन्य दस्तावेज देंगे।
पीड़ित से संपर्क कर तहरीर मांगी गई है। तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू की जाएगी।
- दीपेंद्र नाथ चौधरी, डीसीपी साउथ