मुर्गा मार्केट शिफ्टिंग के दूसरे दिन प्रशासन की सूझबूझ से ज्यादातर दुकानें शिफ्ट हो गईं। जिला प्रशासन ने शेष दुकानें 22 फरवरी को शिफ्ट होने का दावा किया है।
हालांकि दिनभर चली शिफ्टिंग के दौरान कुछ लोगों ने केडीए के अधिशासी अभियंता पर गलत नापजोख का आरोप लगाते हुए नारेबाजी, प्रदर्शन के साथ ही आत्मदाह की कोशिश भी की। प्रशासनिक अफसरों ने स्थिति समान्य की। देर रात तक पुलिस, केडीए, नगर निगम की टीम शिफ्टिंग कराने को डटी रहीं।
रविवार को सुबह से ही प्रशासनिक अफसरों, पुलिस, केडीए और नगर निगम की 10 टीमों ने दुकानें शिफ्ट कराना शुरू किया। 11:00 बजे केडीए जोन-1 के अधिशासी अभियंता मनोज मिश्रा मार्केट के दूसरी तरफ फल, सब्जी की दुकानों की नापजोख कराने पहुंचे।
वहां के कुछ दुकानदारों ने ये दुकानें चिह्नित न होने का हवाला देकर विरोध किया। कहासुनी के दौरान कुछ लोगों ने अधिशासी अभियंता से धक्कामुक्की की। पुलिस ने लाठियां पटककर भीड़ हटाई। दोपहर में नई मार्केट में आवंटन पाए दुकानदारों के परिवार की महिलाएं प्रदर्शन करने लगीं।
उसी समय परेड निवासी अंसार उर्फ गोलू ने शरीर पर मिट्टी का तेल छिड़ककर आत्मदाह की कोशिश की, जिसे अन्य लोगों ने बचाया। अंसार का आरोप था कि मार्केट हटवाने के चक्कर में उसकी घोड़ी मर गई। एडीएम (सिटी) ने उसे शांत किया।