जाट आंदोलन का असर शहर के कारोबार और कारोबारियों पर और गहरा गया है। अभी तक माल रास्ते में फंसे होने के कारण कारोबार में गिरावट हो रही थी, लेकिन अब माल के नुकसान की आशंका बढ़ गई है।
दो दिन में हरियाणा के विभिन्न शहरों और मार्गों पर आगजनी, पथराव और गोलीबारी की घटनाओं के भय से करीब दो सौ ट्रकों के चालक और परिचालक माल और ट्रक छोड़कर भाग गए हैं। ट्रक कहां किस हालत में हैं, कुछ पता नहीं। माल बचा है या लुट गया, पता नहीं। माल से लदे ट्रक हरियाणा और हरियाणा बार्डर पर लावारिस हालत में खड़े हैं।
शहर के कई ट्रांसपोर्टरों को खबर मिली है कि उनके ड्राइवर और कंडक्टर माल और ट्रक छोड़कर फरार हो गए हैं। ट्रांसपोर्टरों की चिंता इस बात से बढ़ गई है कि कहीं ट्रक और माल उपद्रवियों के हाथों का शिकार न हो जाएं। ट्रांसपोर्टर, शहर से दूसरे चालकों को हरियाणा के लिए रवाना कर रहे हैं।
बता दें कि शहर से बड़े पैमाने पर किराने का सामान, लकड़ी मशीनरी, इंजीनियरिंग टूल्स, लेदर और प्लास्टिक के आइटम हरियाणा, पंजाब, जम्मू कश्मीर, हिमाचल तक जाता है। इसी तरह सेब, किनू, आलू बुखारा, चेरी, स्ट्राबेरी, अखरोट, बादाम, हिमाचल और जम्मू कश्मीर से आता है।
आज भिवानी से कानपुर को नहीं चलेगी कालिंदी एक्सप्रेस
हरियाणा में जाट आंदोलन की वजह से भिवानी से कानपुर सेंट्रल आने वाली कालिंदी एक्सप्रेस सोमवार को निरस्त रहेगी। कालका, ऊंचाहार, कालिंदी, आभा उद्यान तूफान एक्सप्रेस (अप-डाउन), गोरखपुर-अहमदाबाद एक्सप्रेस रविवार को निरस्त रही। इसके चलते ये ट्रेनें सोमवार को कानपुर सेंट्रल नहीं आएंगी।
गोरखपुर से हिसार जाने वाली गोरखधाम एक्सप्रेस दिल्ली तक चलेगी। यह ट्रेन रोहतक, भिवानी और हिसार के बीच निरस्त रहेगी। अफसरों का कहना है कि जिन यात्रियों ने निरस्त हुई गाड़ियों में रिजर्वेशन करा रखा है उन्हें दूसरी गाड़ियों में शिफ्ट किया जाएगा। अभी तक हरियाणा को जाने वाले 877 यात्रियों ने टिकट कैंसल कराए हैं।