बता दें कि पुलिस ने मामले की विवेचना के बाद रामबली और चुनकाई समेत तीन के विरुद्ध आरोपपत्र दाखिल किया था। इसमें तीसरे आरोपी के बाल अपचारी होने के चलते उसका आरोपपत्र किशोर न्याय बोर्ड को प्रेषित कर दिया गया था।
बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद मंगलवार को त्वरित न्यायालय के अपर सत्र न्यायाधीश विनीत नारायण पांडेय ने निर्णय सुनाया। इसमें दोषसिद्ध होने पर चुनकाई व रामबली केवट को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। साथ ही प्रत्येक को बीस हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया गया।