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Kanpur News: पूर्व सैनिक की हत्या में व्यापारी को आजीवन कारावास

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फर्रुखाबाद। सीमेंट की बोरी के दाम को लेकर पूर्व सैनिक की गोली मारकर हत्या करने वाले बिल्डिंग मेटेरियल के व्यापारी को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोषी पर दो लाख बीस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। साक्ष्य न मिलने के अभाव में महिला को दोष मुक्त कर दिया। आरोपी के पुत्र की फाइल इसी न्यायालय में विचाराधीन है
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शहर कोतवाली के मोहल्ला सांई धाम कॉलोनी अमेठी कोहना निवासी पूर्व सैनिक हितेंद्र सिंह के पुत्र रनवीर सिंह ने शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें कहा कि वह किराये के मकान में रहकर अपने मकान का निर्माण करा रहा था। मकान निर्माण की सामग्री दीनदयाल बाग स्थित तिवारी बिल्डिंग मेटेरियल की दुकान से आती थी। दुकान पर चार महीने पूर्व सीमेंट के लिए अग्रिम एक लाख रुपये मनोज तिवारी के पास जमा कर दिए।
आरोप है कि 30 अप्रैल 2018 को सीमेंट लेने दुकान पर गया तो मनोज तिवारी के पुत्र गोलू ने पुरानी कीमत पर सीमेंट देने से मना कर दिया। इसी बात पर गोलू विवाद करने लगा। शोरगुल सुनकर मनोज की पत्नी सरिता तिवारी मकान से बाहर निकल आई। मनोज तिवारी ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल व गोलू ने तमंचे से हितेंद्र के ऊपर फायर किए। दो गोली लगने से वह घायल हो गया। सरिता तिवारी ने लोहे की सरिया से हमला किया। फायर की आवाज सुनकर आसपास के लोग इकट्ठा हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया। हालत गंभीर होने पर हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। पुलिस ने हत्या के प्रयास में मुकदमा दर्ज कर लिया था। करीब एक हफ्ते इलाज चलने के बाद हितेंद्र की मौत हो गई। पुलिस ने मुकदमे को हत्या में तरमीम कर दिया।
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विवेचक ने मनोज तिवारी, उसकी पत्नी सरिता तिवारी, पुत्र गोलू के खिलाफ न्यायालय में हत्या करने के मामले में आरोप पत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश ईसी एक्ट डॉक्टर अनिल कुमार सिंह ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद 13 नवंबर को गवाह व साक्ष्य के आधार पर मनोज तिवारी को दोषी करार दिया था। मंगलवार को दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। दोषी पर दो लाख बीस हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया। जुर्माना अदा न करने पर एक वर्ष अतिरिक्त कारावास भोगने के आदेश दिए।
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