कानपुर। ड्रग विभाग ने गुरुवार को तीन मेडिकल स्टोर व फर्मों के लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं। इसमें बिरहाना रोड स्थित नशीली दवाओं का कारोबार करने वाले विनोद अग्रवाल की फर्म अग्रवाल ब्रदर्स, नकली दवा का कारोबार करने वाले राहुल अग्रवाल की फर्म श्री लक्ष्मी फार्मा और नशीली दवा बेचने वाले कल्याणपुर के एएस फार्मास्यूटिकल का लाइसेंस निरस्त किए गए हैं। अग्रवाल ब्रदर्स का लाइसेंस इससे पहले नवंबर में नारकोटिक्स श्रेणी की दवाएं बेचने के मामले में निरस्त किया गया था लेकिन अब पूरी तरह से दवा बेचने पर रोक लग गई है।
सहायक आयुक्त औषधि अतुल उपाध्याय ने बताया कि दो दिन में चार मेडिकल स्टोर व फर्मों के लाइसेंस निरस्त किए गए हैं। अभी तीन से चार और बाकी हैं जिनके लाइसेंस इसी सप्ताह निरस्त किए जाने की कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा जो लोग नशीली दवाओं का काम करते हैं उन्हें भी बख्शा नहीं जाएगा। नशीली दवा बेचने के मामले में 12 नामों में से एक नाम विनोद अग्रवाल की फर्म अग्रवाल ब्रदर्स का लाइसेंस अब जाकर निरस्त हुआ है। सबसे पहले नशीली दवाओं के मामले में इसका नाम जून में आया था और इसके बाद तीन बार ड्रग विभाग ने छापा मारकर नशीली दवाएं बरामद कीं।
- 15 अक्तूबर को केशवपुरम स्थित एएस हेल्थकेयर मेडिकल स्टोर में तत्कालीन ड्रग इंस्पेक्टर कानपुर रेखा सचान, औरैया के ज्योत्सना आनंद और इटावा के नीलेश शर्मा ने छापा मारा था। यहां कोडीन युक्त 100 एमएल-केआर कफ सिरप फेंसिपिक टी की 2595 बोतल, फेंसिपिक-टीपी 100 एमएल की 4900 बोतल, एल्प्राजोलम युक्त काम्पिक 0.5 टैब की 12,30,000 टेबलेट व ट्रॉमाडॉल युक्त अल्ट्रासेंट-पी टैब की 562800 टेबलेट दर्ज मिली थीं। सत्यापन करने पर दवाओं का स्टॉक नहीं मिला। इसी आधार पर विभाग ने संचालक टीपी नगर निवासी विकास तिवारी पर एफआईआर दर्ज कराई। अब इनका लाइसेंस भी निरस्त कर दिया गया है।
- अक्तूबर में बिरहाना रोड स्थित श्री लक्ष्मी फार्मा में ड्रग विभाग और पंजाब पुलिस ने पांच लाख रुपये की नकली दवाएं बरामद की थी। यहां नकली दवाओं पर बैच नंबर, एक्सपायरी तिथि और एमआरपी भी प्रिंट की जा रही थी। प्रिंटर भी बरामद हुआ था। विभाग ने 25 लाख नकद और पांच लाख की दवाएं जब्त की थीं। और कलक्टरगंज थाना में राहुल अग्रवाल व पत्नी पायल अग्रवाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। बेटी वर्तिका अग्रवाल को पंजाब पुलिस अपने साथ ले गई, जो अभी जेल में है।