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UP: स्कूलों के पाठ्यक्रम में शामिल होगा ट्रैफिक नियमों का पाठ, शासन ने जिला प्रशासन को जारी किए निर्देश

Thu, 03 Apr 2025 11:20 AM IST
शिखा पांडेय वाचस्पति पांडेय, अमर उजाला कानपुर

सार

Kanpur News: स्कूलों के पाठ्यक्रम में ट्रैफिक नियमों का पाठ शामिल किया जाएगा। बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों के छात्रों को यातायात संबंधी जानकारी दी जाएगी।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों के पाठ्यक्रम में ट्रैफिक नियम का पाठ शामिल किया जाएगा। बेसिक स्कूलों में कक्षा आठ तक और माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा नौ से 12 तक की पढ़ाई होती है। छोटी उम्र से ही छात्र-छात्राओं को यातायात नियमों की जानकारी देकर उन्हें जागरूक करने के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है। इसके लिए शासन की ओर से निर्देश भी जारी हो गए हैं।
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अभी तक विभिन्न जागरूकता रैलियों और कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को यातायात नियमों की जानकारी दी जाती रही है। यातायात नियमों की पढ़ाई को अनिवार्य पहली बार किया गया है। शासन की ओर से नए शिक्षण सत्र में इसका पाठ्यक्रम जोड़ने के निर्देश के बाद जिला प्रशासन ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। इसके साथ ही स्कूल बस, वैन संचालकों व चालकों के लिए निर्देश भी जारी किए गए हैं। इसमें चालक, परिचालक की वर्दी, उनके कर्तव्य के बारे में बताया गया है। साथ ही ब्लैक स्पॉट पर सावधानियां बरतते हुए वाहनों की स्पीड 20 किलोमीटर प्रति घंटा रखने और ओवरटेक न करने की सलाह दी गई है। डीआईओएस अरुण कुमार ने बताया कि हादसों की रोकथाम के लिए छात्रों को यातायात के नियम सिखाए जाएंगे। इसलिए इसे पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा।

इसलिए पड़ रही जरूरत
हादसों और जान गंवाने वालों के मामले में कानपुर प्रदेश में सबसे आगे है। पांच साल में जिले में 6,792 हादसे हुए। इनमें 2,999 लोगों की जान गई और 4,860 लोग घायल हुए। सबसे अधिक दुर्घटनाएं यातायात नियमों का पालन न करने, आमने-सामने भिड़ंत व तेज गति से वाहन चलाने से हुई हैं। प्रदेश के 20 जिलों में सड़क हादसों में होने वाली मौतों का आंकड़ा 42 प्रतिशत पाया गया है। हरदोई, मथुरा, आगरा, लखनऊ, बुलंदशहर, कानपुर नगर, प्रयागराज, सीतापुर, उन्नाव, बाराबंकी, लखीमपुर खीरी, बरेली, अलीगढ़, गौतमबुद्धनगर, शाहजहांपुर, गोरखपुर, कुशीनगर, बदायूं, मेरठ और बिजनौर शामिल हैं। इन जिलों से हाईवे, नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे निकल रहे हैं।
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हादसे रोकने की बनाई गई रणनीति
लगातार हादसों में हो रही मौतों को देखते हुए शासन ने इन पर अंकुश लगाने की रणनीति तैयार की। शासन ने निर्देश जारी किया गया है कि जिले में हर महीने और मंडल स्तर पर हर तीन महीने में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक करें। जिलों में होने वाले हादसों की वजह पर चर्चा करें। इसकी रिपोर्ट हर महीने ट्रैफिक निदेशालय के जरिये शासन में भेजने के लिए कहा गया है। दूसरी ओर, शहर में 21 से 17 ब्लैक स्पॉट्स को खत्म करने पर काम शुरू कर दिया गया है। रोड इंजीनियरिंग (यह कौन सा विभाग है), एनएचएआई और तमाम विभागों के साथ बैठक करने के बाद इन ब्लैक स्पॉट्स को खत्म करने का प्रयास शुरू किया गया है।

ट्रैफिक पुलिस के कर्मी स्कूलों में ट्रैफिक नियमों की जानकारी देकर छात्रों को जागरूक कर रहे हैैं। जिले में हो रहे हादसे रोकने के लिए जो भी निर्देश शासन ने जारी किए हैं, उनका पालन कराया जा रहा है। - रविंद्र सिंह, डीसीपी ट्रैफिक

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