आईआईटी कैंपस में तेंदुआ देखे जाने के बाद दहशत का माहौल है। वन विभाग पैरों के निशान जुटाने में लगा है ताकि उनका आपस में मिलान कर यह तय किया जा सके कि एक ही तेंदुआ है या एक से ज्यादा हैं।
आईआईटी कैंपस में तेंदुआ देखे जाने के बाद दहशत का माहौल है। कैंपस में संचालित केंद्रीय विद्यालय में रोज की अपेक्षा शनिवार को कम छात्र पहुंचे। कैंपस की दुकानों में सन्नाटा पसरा रहा। छात्र हॉस्टल की ही मेस में नाश्ता, भोजन कर रहे हैं। अंधेरा होने पर अकेला जाने से कतरा रहे हैं। जरूरत पर झुंड में ही लोग निकल रहे हैं।
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मम्मी ने कहा था, बाहर मत निकलना
स्कूल खुला था, इसलिए आ गए। बाकी डर तो लग ही रहा था। मम्मी ने कहा था कि बाहर न निकलना और घूमना मत। अब सीधे घर जा रहे हैं। - उजैफ, केवि छात्र
आमतौर पर कक्षा में रोजाना लगभग 40 छात्र-छात्राएं आते हैं। तेंदुए के होने की वजह से केवल 15 छात्र ही आए थे। बाहर निकलने में डर भी लग रहा था। - देवांश, केवि छात्र
पैरों के निशान जुटाने की कोशिश में वन विभाग
डीएफओ श्रद्धा यादव का कहना है कि ऐसा अभी तक तो कभी नहीं हुआ है कि एक क्षेत्र में दो तेंदुए या एक बार में दो तेंदुए भटक कर एक ही जगह पर आ गए हैं। फिलहाल ज्यादा से ज्यादा पैरों के निशान जुटाने की कोशिश की जा रही है ताकि उनका आपस में मिलान कर यह तय किया जा सके कि एक ही तेंदुआ है या एक से ज्यादा हैं।