तेंदुए ने गांव की गली में किया बकरे का शिकार
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इटावा जिले के चकरनगर में बीहड़ से सटी पुरानी बस्ती में मंगलवार रात एक बजे बीहड़ से आए तेंदुए ने घर के बाहर बैठे बकरे को अपना शिकार बनाया। इत्मिनान से गांव की गली में बैठकर बकरे को खाया। इस दौरान कुत्तों के भौंकने से जागे ग्रामीण घरों से तेंदुए की हरकत देखते रहे।
सुबह वन विभाग को सूचना दी। वन विभाग ने क्षेत्र में गश्त की। पुरानी बस्ती निवासी दलबीर सिंह यादव ने बताया कि रात में पड़ोसियों का एक बकरा बरामदे में आकर बैठ गया था। रात एक बजे अचानक उसके चीखने की आवाज सुनाई दी तो देखा कि बकरे को एक तेंदुआ दबोचे हुए था।
कुत्ते उसपर भौंक रहे थे। थोड़ी देर बाद तेंदुआ बकरे को घसीटते हुआ गली में ही थोड़ी दूर जाकर बैठ गया। 15 से 20 मिनट वह बकरे को खाता रहा। छतों से लोग यह नजारा देखते रहे। थोड़ी देर बाद तेंदुआ 40 मीटर दूर बीहड़ में भाग निकला।
ग्रामीणों की सूचना पर सुबह गांव पहुंचे चंबल सेंक्चुअरी के दरोगा सूर्यकांत शुक्ला और राहुल यादव ने मौके पर पड़ताल की। बकरे के अवशेषों को फिकवाया। बीहड़ क्षेत्र में गश्त भी की। दरोगा ने बताया कि तेंदुए खाने की तलाश में अक्सर जंगल से भटककर बस्ती में आ जाते हैं। ग्रामीणों को सावधानी बरतनी होगी। अपने जानवरों को बाड़ों में सुरक्षित बांधे। जंगल की तरफ अकेले न जाएं। यदि तेंदुआ दिखे तो शोर मचाएं, आग जलाएं। जिससे वह पुन: बस्ती की तरफ नहीं आएगा।
ग्रामीण सहम उठे
गांव की गली में तेंदुए के आने से ग्रामीण उम्मेद , रॉकी , सूबेदार, अनोज यादव ,भूरे कुशवाहा, उमेश तिवारी , सूरज राठौर, जग्गेश कठेरिया, गुलाब कुशवाहा आदि डर गए। बोले, रात में अब गांव में निकलने से डर लगेगा।