कानपुर। दिवाली के मौके पर शहरी निर्यात होने वाले चमड़े के उत्पादों की खरीदारी कर सकेंगे। चर्म निर्यात परिषद क्षेत्रीय की ओर से चार दिवसीय कानपुर लेदर मेला की शुरुआत शुक्रवार से मोतीझील लॉन में होगी। प्रदेश के रेशम, खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री राकेश सचान इसका शुभारंभ करेंगे। मेला में कुल 46 चमड़ा कारोबारी अपने स्टाॅल पर उत्पादों को प्रदर्शित करेंगे।
लेदर, लॉन लेदर फुटवियर, बैग, वालेट, महिलाओं के हैंडबैग पर्स व अन्य उत्पादों को प्रदर्शित किया जाएगा। बृहस्पतिवार को मोतीझील लॉन में आयोजित वार्ता में यह जानकारी परिषद के वाइस चेयरमैन मुख्तारुल अमीन और क्षेत्रीय अध्यक्ष यादवेंद्र सचान ने दी। उन्होंने बताया कि परिषद की ओर से हर साल होने वाला सातवां आयोजन है। अगले साल से इसे साल में दो बार आयोजित किया जाएगा। उत्पादों पर कई तरह की छूट भी रहेगी। यादवेंद्र सचान ने बताया कि शहर में लेदर उद्योग से जुड़े प्रशिक्षण के अवसर बढ़ाने की दिशा में एक और पहल की उम्मीद है। एचबीटीयू में बन रहे लेदर केंद्र की शुरुआत नए साल में हो सकती है।
उद्योगों की अनदेखी से बिगड़ रहा औद्योगिक स्वरूप
कानपुर। वार्ता के दौरान कानपुर लेदर क्लस्टर के चेयरमैन राकेश सूरी ने शहर के औद्योगिक हालात पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कानपुर का औद्योगिक स्वरूप संघर्ष के दौर से गुजर रहा है। स्थिति यह है कि लखनऊ तक से उद्यमी शहर आने में हिचकने लगे हैं। रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं होने के कारण युवा बड़े पैमाने पर शहर से पलायन कर रहे हैं। उद्यमियों की शिकायतों पर भी प्रभावी सुनवाई नहीं हो रही है।