इलाज में 2,58,774 रुपये हुए खर्च
अगले महीने रामश्री दुर्घटना में घायल हो गईं। प्रारंभिक इलाज घर पर हुआ, लेकिन रामश्री को शरीर में दर्द और बुखार की शिकायत रहने लगी। उन्होंने कई डॉक्टरों से इलाज कराया और कई दिनों तक अस्पताल में भी भर्ती रहीं। इलाज के दौरान 258774 रुपये खर्च हो गए।
बीमा कंपनी से क्लेम से मना किया
शिवनरेंद्र ने बीमा कंपनी से क्लेम मांगा, तो कंपनी ने पहले से बीमारी होने की बात कहते हुए इनकार कर दिया। इस पर शिवनरेंद्र ने 15 मई 2015 को ओरियंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड शाखा ट्रांसपोर्ट नगर के खिलाफ रिपोर्ट लिखाई थी।
आठ साल मिला इंसाफ, बेटे ने लड़ी लंबी लड़ाई
इसमें प्रबंधक, मेडी एसिस्ट इंडिया टीपीए प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक व शाखा प्रबंधक के खिलाफ उपभोक्ता फोरम में परिवाद दर्ज कराया था। मुकदमे की सुनवाई के दौरान ही रामश्री और शिवनरेंद्र की मौत हो गई। इसके शिवनरेंद्र के पुत्र अधिवक्ता मनीष कुमार शर्मा ने पैरवी की।