लगातार चुनाव जीतकर पहुंचे थे विधानसभा
बता दें कि जिले की सियासत में कद्दावर नेताओं में शुमार और सपा की ओर से मुख्य दलित चेहरा रहे अनिल दोहरे मूलरूप से जलालाबाद ब्लॉक के टिकइयापुरवा के निवासी थे। उन्होंने लगातार तीन बार कन्नौज सदर विधानसभा सीट से कामयाबी हासिल की थी। वह 2007, 2012 और 2017 में लगातार चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे थे।
अनिल दोहरे पार्टी के बड़े नेताओं के चहेते भी थे
सपा शासन के दौरान उन्हें प्रदेश एसएसी-एसटी आयोग का अध्यक्ष भी बनाया गया था। साफ-सुथरी छवि के रूप में पहचान रखने वाले अनिल दोहरे पार्टी के बड़े नेताओं के चहेते भी थे। सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव से लेकर पार्टी मुखिया अखिलेश यादव के करीबी नेताओं में शुमार थे।
सियासी जगत में शोक की लहर है
निर्विवाद छवि के कारण ही सपा ने उन्हें जिले में सदर विधानसभा सीट का सबसे अहम चेहरा बना रखा था। लगातार तीन बार जीत कर उन्होंने अहमियत भी साबित की थी। हालांकि 2022 के विधानसभा चुनाव में वह भाजपा के असीम अरुण के मुकाबले कड़े मुकाबले में जीत का चौका लगाने से चूक गए थे। अब उनके निधन की खबर से सियासी जगत में शोक की लहर है।
हालत गंभीर होने पर लखनऊ में डटे थे समर्थक
पूर्व विधायक अनिल दोहरे की हालत गंभीर होने की जानकारी पर पार्टी कार्यकर्ताओं के अलावा उनके करीबी व समर्थकों का हुजूम लखनऊ में डटा हुआ था। लखनऊ से लेकर गुरुग्राम में इलाज के दौरान भी कई लोग उनके साथ रहे। पिछले दिनों दोबारा पीजीआई में भर्ती होने पर पार्टी मुखिया अखिलेश यादव ने भी अस्पताल पहुंचकर उनका हाल जाना था।
पिता मंत्री, पत्नी रह चुकी हैं जिला पंचायत अध्यक्ष
पूर्व विधायक अनिल दोहरे का छोटा सा परिवार है। उनके पिता बिहारी लाल दोहरे भी विधायक रह चुके हैं। कांग्रेस की सरकार में वह स्वास्थ्य मंत्री रहे थे। अनिल की पत्नी सुनीता दोहरे जिला पंचायत की अध्यक्ष रह चुकी हैं। दोनों के एक बेटा यश दोहरे और बेटी यश्नवी दोहरे है। दोनों उच्छ शिक्षा हासिल कर रहे हैं।
अखिलेश, शिवपाल, असीम अरुण ने जताया दुख
पूर्व विधायक अनिल दोहरे के निधन की जानकारी पर सपा मुखिया अखिलेश यादव, शिवपाल यादव ने दुख जताया है। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में उनके मुकाबले लड़े असीम अरुण ने भी सोशल मीडिया पर दुख का इजहार किया है।