गुरुवार को धन देने की सहमति बन गई
इसके ऊपर से हाईटेंशन लाइन निकल रही है। एनएचएआई ने तीन महीने पहले लाइन शिफ्टिंग के लिए पिलर के बेस बनाने शुरू किए थे, तभी पूर्वोत्तर रेलवे ने आपत्ति लगाते हुए काम बंद करा दिया था। रेलवे ने इस कार्य के लिए 1.53 करोड़ रुपये यूजर चार्ज मांगा, इसके बाद एनओसी देने को कहा। एनएचएआई के परियोजना निदेशक प्रशांत दुबे ने यह प्रस्ताव मुख्यालय भेजा, जहां गुरुवार को धन देने की सहमति बन गई है।
रेलवे अफसरों के निरीक्षण के बाद आरओबी भी बनेगा
जीटी रोड चौड़ीकरण के तहत मंधना से बिठूर की तरफ बिछी रेलवे लाइन पर पुल (रेलवे ओवरब्रिज) भी बनना है। इसके लिए एनएचएआई ने शटरिंग लगाने के साथ ही सरियों का जाल भी बिछा लिया है। रेलवे अफसरों ने 21 या 22 नवंबर को निरीक्षण का का आश्वासन दिया है। उनकी हरी झंडी मिलते ही ढलाई की जाएगी। ऐसा होने पर चौबेपुर से आईआईटी की तरफ आने वाले वाहन इसी पुल से आएंगे। फिलहाल ये वाहन पुल के नीचे सड़क से आ रहे हैं।
पर इधर झटका... शिवराजपुर टोल टैक्स 30 फीसदी बढ़ेगा
चौड़ीकरण कार्य पूरा होते ही शिवराजपुर टोल प्लाजा में टैक्स 30 फीसदी बढ़ा दिया जाएगा। एनएचएआई का दावा है कि इस टोल में टैक्स बढ़ने के बावजूद छह लेन के इस मार्ग से दिल्ली जाने में लखनऊ एक्सप्रेसवे की तुलना में करीब सवा दो सौ रुपये कम टैक्स लगेगा।
हाईटेंशन लाइन शिफ्ट करने के लिए रेलवे को 1.53 करोड़ रुपये देने थे। इसके लिए हेडक्वार्टर से अप्रूवल आ गया है। पैसा मिलते ही तीन-साढ़े तीन महीने में काम पूरा हो जाएगा। वहीं रेलवे ओवरब्रिज का काम भी निरीक्षण के बाद पूरा हो जाएगा। उसके बाद इस पुल से भी यातायात शुरू कर दिया जाएगा। -प्रशांत दुबे, परियोजना निदेशक, एनएचएआई