सरवनखेड़ा। घाटमपुर रजबहा से निकली लोहारी-सैथा माइनर में करीब पंद्रह दिनों से पानी नहीं आ रहा है। इससे गेहूं की अंतिम सिंचाई के लिए किसान परेशान हैं। फसल को पानी की सबसे अधिक आवश्यकता के समय माइनर के सूखे होने से किसानों को निजी नलकूपों से सिंचाई करनी पड़ रही है।
घाटमपुर रजबहे में चार दिन पहले तक भरपूर पानी था। इसके बावजूद लोहारी-सैथा माइनर में पंद्रह दिनों से पानी का प्रवाह रुका हुआ है। चार दिन पहले श्यामपुर के पास रजबहे की पुलिया से टकराकर एक बाइक सवार युवक के गिर जाने के बाद रजबहे का पानी रोक दिया गया था। अगले दिन युवक का शव बरामद हुआ था।
गेहूं की अंतिम सिंचाई के समय माइनर में पानी न आने से सेरूवा, सैथा, लोहारी, भैथाना और भागीरथपुर गांवों के किसान परेशान हैं। सेरूवा गांव के कमलेश ने बताया कि नहर सूखी पड़ी है। समय पर सिंचाई न होने पर गेहूं का दाना कमजोर हो जाएगा, जिससे उत्पादन प्रभावित होगा। सैथा गांव के लक्ष्मीकांत मिश्रा ने कहा कि जरूरत के समय पानी न मिलने से किसानों को किराये पर नलकूप लेकर सिंचाई करनी पड़ रही है।
सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता राम प्रकाश ने बताया कि मेन ब्रांच से पानी कम आने के कारण यह समस्या उत्पन्न हुई थी। पानी की मांग की गई है और जल्द ही किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध करा दिया जाएगा।