कानपुर। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तौधकपुर रोड क्षेत्र में आठ निजी अस्पतालों और पैथोलॉजी केंद्रों को जायजा लिया। एसीएमओ डॉ. रमित रस्तोगी काे जगन्नाथ अस्पताल बिना रजिस्ट्रेशन के संचालित होता मिला। इस पर अस्पताल का लेबर रूम और ओटी सील कर दी और नोटिस जारी किया। वहीं, माधव डायग्नोस्टिक सेंटर की पैथोलॉजी में भी मानकों की अनदेखी और दस्तावेजों की कमी मिलने पर सील कर दिया गया। निरीक्षण के दौरान रामा अस्पताल संचालित नहीं मिला जबकि माधव अस्पताल और ऑर्किड अस्पताल में जनरल ड्यूटी डॉक्टर अनुपस्थित पाए गए। इन्हें नोटिस जारी करते हुए तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा है। इसके अलावा एशिया अस्पताल, कुमार अस्पताल, गणेश अस्पताल और स्वराज्य अस्पताल का भी निरीक्षण किया गया।
वहीं शनिवार को नर्वल में तहसील दिवस से लौट रहे डीएम और सीएमओ ने नरवल में प्रियांश अस्पताल का निरीक्षण किया। अस्पताल में न तो कोई डॉक्टर था और ना ही कोई स्टाफ था। कोई रोगी भर्ती नहीं मिला, अस्पताल का पंजीकरण भी नहीं था। सीएमओ ने बिना पंजीकरण के डिस्पेलबोर्ड हटाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने सीएमओ को निर्देशित किया की शाम तक इस मामले की रिपोर्ट भेज दें।
शनिवार को भी दर्ज नहीं कराई अवैध अस्पताल पर प्राथमिकी
कानपुर। शनिवार को भी स्वास्थ्य विभाग ने एक बच्चे की जान लेने वाले प्रकाश नर्सिंग होम के खिलाफ प्राथमिकी नहीं दर्ज कराई। सीएमओ का कहना है की समय नहीं मिला अब अगले दिन सीएचसी प्रभारी से पूछेंगे कि एफ़आईआर क्यों नहीं कराई।