प्रेम-प्रसंग के शक में सीधे हत्या कर दी, मारा न पीटा
अमूमन देखा गया कि प्रेम प्रसंग जैसे मामले में हत्यारा अपनी भड़ास जरूर निकालता है। सामने वाले को पीटता है, उसे शारीरिक रूप से प्रताड़ित करता है। इस मामले में ऐसा कुछ नहीं देखने को मिला। छात्र के शरीर पर न तो कोई चोट के निशान मिले हैं और न ही घटनास्थल पर कोई संघर्ष जैसी स्थिति नजर आई है। सूत्रों के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कुशाग्र की मौत रस्सी से गला घोटे जाने से होने की पुष्टि हुई है। शरीर पर चोट का कोई और निशान नहीं मिला है। कुशाग्र की मौत का वक्त पोस्टमार्टम के समय से 12 घंटे से ऊपर और 24 घंटे के भीतर माना गया है।
फिरौती के लिए हत्या नहीं, तो हिमाचल जाने की तैयारी क्यों थी
जांच में पुलिस को पता चला है कि आरोपियों प्रभात और रचिता ने 10 नवंबर को हिमाचल प्रदेश जाने की तैयारी कर रखी थी। इसका टिकट भी करा रखा था। रचिता का हिमाचल प्रदेश में ननिहाल है। ऐसे में यह बात भी उठती है कि फिरौती की रकम वसूलने के बाद ये लोग यहां से फरार होने की तैयारी में थे। पैसा पास होगा तो लंबे समय तक इधर-उधर रह सकेंगे।
बेरोजगार प्रभात ने रचिता को दिवाली से पहले कार लाने का किया था वादा
आरोपी प्रभात बेरोजगार है। उसने प्रेमिका रचिता से वादा किया था कि दीपावली से पहले नई कार खरीदकर लाएगा। प्रभात की खुद की स्थिति ऐसी नहीं कि वह कार खरीद सके। ऐसे में सवाल उठता है कि उसने कार खरीदने का वादा कैसे किया। उसे कहीं न कहीं फिरौती की रकम मिलने की उम्मीद थी। इतना ही नहीं कुशाग्र के घर पत्र फेंकने के बदले दोस्त शिवा को भी मोटी रकम देने का वादा किया था।
घटनास्थल पर नशीला पदार्थ, रस्सी और रजाई-गद्दा की इंतजाम पहले से क्यों
साजिश के तहत प्रभात ने घर के पास ही एक कोठरीनुमा कमरे में कुशाग्र को बनाने व हत्या की पूरी तैयारी पहले ही कर ली थी। कमरे में रजाई-गद्दा, रस्सी का इंतजाम पहले ही कर लिया था। शिवा और रचिता को पता था कि कुशाग्र को बहाने से घर तो लाया जा सकता है, लेकिन दो-तीन लोग हत्या नहीं कर पाएंगे। वजह कुशाग्र का शारीरिक रूप से मजबूत होना था। इसलिए प्रभात ने नशीले पदार्थ की भी व्यवस्था की थी।