मां सोनिया कानोडिया की पूरी हो गई थी गवाही
रायपुरवा थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। मुकदमे में कुशाग्र की ट्यूशन टीचर रचिता वत्स, प्रभात शुक्ला और शिवा गुप्ता आरोपी हैं। तीनों जेल में ही बंद हैं। मंगलवार को कुशाग्र की मां सोनिया कानोडिया की गवाही पूरी हो गई थी। बुधवार को पहले प्रभात के अधिवक्ता ओम नारायण द्विवेदी ने फिर शिवा के अधिवक्ता मनीष शर्मा ने सोनिया से जिरह पूरी कर ली।
छह माह में मुकदमे के निस्तारण के निर्देश
रचिता के अधिवक्ता की ओर से कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर जिरह के लिए समय की मांग की गई। इस पर एडीजीसी भास्कर मिश्रा ने आपत्ति जताते हुए कहा कि गवाह सूरत से आती हैं। हाईकोर्ट ने छह माह में मुकदमे के निस्तारण के निर्देश दिए हैं। रचिता के अधिवक्ता सुनवाई में सहयोग नहीं कर रहे।
27 जून की तारीख नियत कर दी
गवाह से जिरह का अवसर समाप्त किया जाए। कोर्ट ने अधिवक्ता द्वारा निजी कारणों से मांगे गए समय के आधार पर जिरह के लिए अंतिम अवसर देते हुए 27 जून की तारीख नियत कर दी है। बता दें कि मुकदमे में कुशाग्र की ट्यूशन टीचर रचिता वत्स, प्रभात शुक्ला और शिवा गुप्ता आरोपी हैं। तीनों जेल में ही बंद हैं।
कुशाग्र की मां को ढांढस बंधाते पिता मनीष कनोडिया
- फोटो : amar ujala
मां बोली- रुपये लेने थे तो ले लेती, बेटे को क्यों मार डाला
रुपये लेने थे तो ले लेती, बेटे को क्यों मार डाला। यह शब्द आंखों में आंसू और दिल में बेटे की मौत का गम लेकर सैकड़ों किलोमीटर दूर सूरत से कोर्ट में गवाही देने पहुंची कुशाग्र की मां सोनिया कानोडिया के मुंह से जेल से कोर्ट लाई गई मुकदमे की मुख्य अभियुक्त रचिता वत्स को देखकर निकल पड़े।
परिवार के साथ कुशाग्र (फाइल फोटो)
- फोटो : amar ujala
कुछ देर के लिए गवाही भी रोकनी पड़ी
गवाही के दौरान कुशाग्र के आखिरी बार पहने हुए कपड़े व सामान देखकर सोनिया बदहवास सी हो गईं। फूट-फूटकर रोने लगीं। तबीयत बिगड़ने पर कुछ देर के लिए गवाही भी रोकनी पड़ी। हालांकि दोपहर बाद गवाही पूरी हो गई और जिरह शुरू हो गई। बुधवार को भी जिरह हुई।