हमारी भावनाओं का कत्ल क्यों कर दिया?
कोर्ट ने आरोपियों की तीन दिन की कस्टडी रिमांड मंजूर की। बीते रविवार की सुबह नौ बजे उन्हें जेल से निकालकर पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया था। इस बीच कुशाग्र के परिजनों ने हत्यारोपियों से सामना करने की मांग की थी, ताकि वह यह जान सकें कि रचिता को वह बेटी की तरह मानते थे, फिर भी उसने उनकी भावनाओं का कत्ल क्यों कर दिया?
परिजन पुलिस के बुलावे का इंतजार करते रहे
पुलिस पहले उनकी मांग पर विचार करने की बात कह रही थी, फिर मना कर दिया गया। मंगलवार देर शाम तक परिजन पुलिस के बुलावे का इंतजार करते रहे, लेकिन बुलावा न आने पर मायूस हो गए। डीसीपी सेंट्रल प्रमोद कुमार ने बताया कि हत्यारोपियों की कस्टडी रिमांड अवधि बुधवार की सुबह नौ बजे समाप्त हो गई।