कुशाग्र अपहरण हत्याकांड में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। कातिल प्रभात ने बताया कि वारदात की प्लानिंग उन्होंने सेंट्रल पार्क में प्लानिंग की थी। अपहरण के एक सप्ताह पहले पहले रस्सी, चापड, चाकू, पन्नी व बोरी फजलगंज स्थित एक दुकान से खरीदकर लाए। सारा सामान कोठरी में ही छिपाकर रख दिया था।
कुशाग्र अपहरण, हत्याकांड का मुख्यारोपी प्रभात आपराधिक मानसिकता का शख्स है। उसने पुलिस को पूछताछ में बताया कि कुशाग्र की छोटी बहन के पैदा होने की खुशी में रखी गई पार्टी में वह पहली बार अपने प्रेमिका रचिता वत्स के साथ उसके घर पहुंचा था।
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घर में सभी सुख, सुविधाएं और परिवार का रहन, सहन देखकर मन में लालच जगा, जिसके बाद से ही कुशाग्र को अपने निशाने पर ले लिया था। उसके इसी लालच ने कुशाग्र के हंसते खेलते घर, परिवार में अंधेरा कर दिया।
प्रभात ने पुलिस को बताया कि कुशाग्र के घर उसकी छोटी बहन आराध्या के पैदा होने की पार्टी थी। रचिता ने उसे भी साथ चलने का निमंत्रण दिया। दोनों साथ में ही उनके घर पहुंचे थे। क्योंकि रचिता कुशाग्र के घर में काफी घुली मिली थी, इसलिए वह भी रचिता के साथ ही घर के सभी सदस्यों से मिला।
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पूरे घर में घूमने के दौरान उसकी नजर परिवार के रहन, सहन पर पड़ी, जिससे मन में लालच जगा। इसके बाद रचिता से बातचीत कर कुशाग्र के अपहरण और फिरौती की साजिश रची। उसे रचिता ने ही बताया था कि कुशाग्र के पिता मनीष कनौडिया व्यापार के सिलसिले में अक्सर घर के बाहर रहते हैं।
ऐसे में कुशाग्र का अपहरण होने पर फिरौती मिल जाने की उन्हें पूरी उम्मीद थी। वहीं, कुशाग्र उन सभी को पहचानता था, इसलिए किसी भी हालत में उसे जिंदा छोड़ने का कोई प्लान नहीं था।
सेंट्रल पार्क में बैठकर बनाई प्लानिंग
प्रभात ने बताया कि वारदात की प्लानिंग उन्होंने सेंट्रल पार्क में प्लानिंग की थी। अपहरण के एक सप्ताह पहले पहले रस्सी, चापड, चाकू, पन्नी व बोरी फजलगंज स्थित एक दुकान से खरीदकर लाए। सारा सामान कोठरी में ही छिपाकर रख दिया था। इसके बाद अपने साथी शिवा गुप्ता को फिरौती का पत्र फेंकने के लिए कुशाग्र का घर दिखाया था। पत्र में अल्लाहो अकबर लिखकर पुलिस को गुमराह करना चाहते थे।
पहली बार घर आए हो... नाश्ता करके जाओ
प्रभात ने बताया कि वह कुशाग्र जब उसे हाते के बाहर छोड़कर जाने लगा तो उससे कहा था कि तुम मेरे घर पहली बार आए हो... नाश्ता पानी करके जाओ। इस कुशाग्र ने कोचिंग में देर होने की बात कही थी। प्रभात ने उससे फिर कहा कि जब मैं तुम्हारे घर गया था तो तुमने मुझे नाश्ता कराया था। आज तुम भी बिना नाश्ता किए नहीं जाने देंगे...। सिर्फ दाे-तीन मिनट रुकने का झांसा देकर कुशाग्र को अंदर आने के लिए मना लिया। अंदर पहुंचने के बाद प्लानिंग के तहत उसकी हत्या कर दी।
पढ़ने में तेज था कुशाग्र, दो साल में एक दिन भी अनुपस्थित नहीं रहा
मेनन कोचिंग स्वरूपनगर के शिक्षकों और छात्रों ने रविवार को कैंडल मार्च निकाला और कोचिंग के छात्र रहे कुशाग्र के हत्यारों को फांसी देने की मांग की। यहां के शिक्षक डेनियल सरकार ने बताया कि कुशाग्र उनके यहां करीब दो साल से कोचिंग पढ़ रहा था। वह पढ़ने में अच्छा था और मिलनसार भी था।
दो साले में एक भी दिन वह कोचिंग में अनुपस्थित नहीं रहा। साथी छात्रों ने कहा कि हमारे साथी के साथ ऐसी जघन्य घटना को अंजाम देने वाले आरोपियों को फांसी होनी चाहिए। इस दौरान शिक्षक आशीष जॉन, निधि कुमार, संजय श्रीवास्तव, रामेंद्र मैडम आदि उपस्थित रहीं।