कानपुर में अवैध तरीके से हुए किडनी ट्रांसप्लांट मामले में ओटी मैनेजर फरार मुदस्सर अली सिद्दीकी ने गुरुवार को एसीजेएम सिक्स की कोर्ट में सरेंडर कर दिया। उस पर 25 हजार रुपये का इनाम था। कोर्ट ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। किडनी ट्रांसप्लांट मामले में जेल गए आरोपियों ने जानकारी दी थी कि अली ही सर्जरी करता था। पुलिस की कई टीमें दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में उसकी तलाश कर रही थीं।
केशवपुरम स्थित आहूजा हॉस्पिटल और मसवानपुर के मेडिलाइफ हॉस्पिटल में किडनी ट्रांसप्लांट मामले में डॉ. सुरजीत सिंह आहूजा, डॉ. प्रीति आहूजा, शिवम अग्रवाल, राजेश कुमार, राम प्रकाश कुशवाहा, नरेंद्र सिंह, रोहित तिवारी, परवेज सैफी, कुलदीप सिंह राघव, नरेंद्र तोमर जेल जा चुके हैं। पुलिस ने रोहित तिवारी, मुदस्सर अली सिद्दीकी और डॉ. अफजल के खिलाफ 25-25 हजार का इनाम घोषित किया था। जेल गए सभी आरोपियों का कहना था कि किडनी ट्रांसप्लांट मुदस्सर अली किया करता था।
उसको पकड़ने के लिए टीमें दिल्ली के उत्तमनगर स्थित फ्लैट गई थी जहां उसकी पत्नी ने अली के ओटी मैनेजर होने की जानकारी दी थी। गुरुवार की दोपहर करीब दो बजे मुदस्सर अली ने एसीजेएम सिक्स की कोर्ट में सरेंडर कर दिया। कोर्ट से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। इससे पूर्व परवेज सैफी और रोहित तिवारी को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। डीसीपी पश्चिम एमएम कासिम आबिदी ने बताया कि ओटी मैनेजर मुदस्सर अली सिद्दीकी ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। उसे जेल भेजा गया है। पुलिस उसका रिमांड लेगी। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
अफजल के डॉक्टर होने पर संदेह
पुलिस अधिकारी रोहित, अली के बाद अफजल के डॉक्टर होने पर संदेह जता रहे हैं। हालांकि वह अपने आप को जनरल फिजिशियन बताता था। उसकी क्लीनिक भी थी। पुलिस उसके खिलाफ जांच में जुट गई है। शिवम अग्रवाल के मोबाइल से अफजल और परवेज सैफी का वीडियो मिला था जिसमें दोनों नोटों की गड्डियों के साथ नजर आ रहे हैं। किडनी ट्रांसप्लांट मामले में डॉ. वैभव, अफजल, डॉ. अमित, नवीन पांडेय, भूपेंद्र सिंह समेत अन्य शामिल हैं।