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किडनी कांड: पुलिस को रायबरेली के एक बड़े कारोबारी की तलाश, उत्तराखंड का एक विधायक भी रडार पर

Sat, 02 Mar 2019 07:17 PM IST
प्रशांत कुमार सूरज शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर
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डेमो पिक
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किडनी कांड की जांच में रायबरेली के बछरावां कस्बे के एक बड़े कारोबारी का नाम सामने आया है। कारोबारी ने लखनऊ के एक डोनर से किडनी खरीदी थी। पुलिस कारोबारी और डोनर के बारे में जानकारी जुटा रही है। डोनर के गिरफ्त में आने के बाद पुलिस कारोबारी से भी पूछताछ करेगी।
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किडनी कांड में पुलिस ने लखनऊ निवासी वरदान और शीबू उर्फ शोएब को गवाह बनाया है। गिरोह से जुड़े तीन और लोग लखनऊ के हैं। इसमें राजा, रईस और आनंद कुमार शामिल हैं। एसआईटी में शामिल एक जांच अधिकारी के मुताबिक इन सभी लोगों के संपर्क में एक और डोनर कादिर भी था। कादिर ने बछरावां निवासी एक बड़े कारोबारी को उसका रिश्तेदार बन किडनी बेची थी।

अब पुलिस कादिर को तलाश रही है। उसको पकड़ने के बाद कारोबारी तक पहुंचेगी। सूत्रों के मुताबिक पुलिस को कादिर के दो मोबाइल नंबर मिले हैं। दोनों नंबर बंद हैं। पुलिस ने इन नंबरों की लोकेशन ट्रेस कर रही है।
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नाम असली है या बदला हुआ स्पष्ट नहीं  

जांच अधिकारी के मुताबिक यह पूरी जानकारी किडनी डोनरों ने दी है। उसी आधार पर जांच की जा रही है। चूंकि सभी डोनर रिसीवर का रिश्तेदार बनकर किडनी बेचते थे। उसमें उनके असली नाम भी बदले जाते थे। इसलिए अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि डोनर का असली नाम कादिर है या फिर उसने कादिर बनकर किडनी दी थी।

इसलिए रिसीवरों पर कसेगा शिकंजा
पुलिस के मुताबिक किडनी या लिवर ट्रांसप्लांट करवाने वाले रिसीवर बाकायदा शपथ पत्र कमेटी को देते थे। इसमें डोनर को रिश्तेदार बताया जाता था। सभी रिसीवरों ने शपथ पत्र दिए हैं। जो कि पूरी तरह से फर्जी हैं। सभी रिसीवर नामचीन और बड़े लोग हैं। इन लोगों ने पैसों के दम पर किडनी व लिवर खरीदे और ट्रांसप्लांट करवाए। इसलिए पुलिस इन सभी को सीधे आरोपी बना सकती है।

बंगाल जाएगी पुलिस

एसआईटी की निगरानी कर रही हैं एसपी साउथ रवीना त्यागी ने बताया कि मामले में दो टीमों को आरोपियों की गिरफ्तारी में लगाया गया है। एक को दस्तावेज सत्यापन की जिम्मेदारी दी गई है वहीं अन्य दो टीमें जिन-जिन लोगों के नाम सामने आ रहे हैं, उनको उठाकर पूछताछ करेंगी। वहीं जल्द ही एक टीम बंगाल भी जांच करने जाएगी। वहीं बिहार, छत्तीसगढ़ और झारखंड भी टीमों को भेजा सकता है। आशंका है कि वहां के भी कुछ डोनर इसमें शामिल होंगे। 

सूचनाएं लीक करने पर बदले गए थे जांच अधिकारी  
किडनी कांड की जांच कर रहे विवेचक इंस्पेक्टर गंगा सिंह को विवेचना से पूरी तरह हटा दिया गया है। उनसे मामले से जुडी केस डायरी भी ले ली गई है। सूत्रों के अनुसार सूचनाएं लीक करने के आरोप में कार्रवाई की गई है। 
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विधायक से हो सकती है पूछताछ 

मामले में पता चला था कि उत्तराखंड के एक विधायक के भाई की भी किडनी ट्रांसप्लांट हुई थी। टी राजकुमार ने ही डोनर उपलब्ध करवाया था। इसलिए पुलिस उनसे भी पूछताछ कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक जिस डोनर ने उसको किडनी बेंची थी वह हाथ नहीं लगा है, इसलिए उससे पूछताछ नहीं की गई है। 

किडनी व लिवर बेंचने का मामला बेहद गंभीर है। इसलिए एसआईटी से जांच रिपोर्ट मांगी है। जो सख्त कार्रवाई करनी होगी, इस संबंध में एसआईटी को निर्देश दिए जाएंगे।
प्रेम प्रकाश, एडीजी 
 
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