कानपुर के पनकी से अगवा 11वीं के छात्र को पुलिस ने शुक्रवार रात चित्रकूट के जंगल से सकुशल ढूंढ निकाला। अपहरण करने वाले दो बदमाशों को भी मौके से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। हालांकि चार बदमाश फरार हैं। बदमाशों ने अपहरण फिरौती वसूलने के लिए किया था, लेकिन एक दुकानदार की सजगता से पुलिस ने 30 घंटे के अंदर बदमाशों को पकड़ लिया।
दरअसल, बदमाशों से मामूली विवाद होने की वजह से दुकानदार ने उनकी स्कार्पियो कार का नंबर नोट कर लिया था। पनकी के कला का पुरवा निवासी दीपेंद्र सिंह का 15 वर्षीय बेटा वैभव उर्फ विभव सिंह 11वीं का छात्र है। पुलिस के मुताबिक गुरुवार शाम वह गंगापुरवा में ट्यूशन पढ़ने गया था लेकिन लौटा नहीं था।
परिजनों ने शुक्रवार को गुमशुदगी दर्ज कराई। डीसीपी क्राइम सलमान ताज पाटिल ने बताया कि सर्विलांस की मदद से बदमाशों की लोकेशन चित्रकूट के बीहड़ में ट्रेस की गई। शुक्रवार रात करीब 10 बजे दबिश देकर बांदा कोतवाली क्षेत्र के जारी गांव निवासी राजबहादुर सिंह चंदेल और उदयभान सिंह को दबोच लिया। पूछताछ में पता चला कि वारदात में चार अन्य साथी भी शामिल हैं।
परिजनों ने खुद तलाशा सुराग, तब हुआ पर्दाफाश
वैभव के लापता होने की सूचना पुलिस को देने के बाद परिजन खुद तलाश में जुट गए। कोचिंग से लेकर उसके घर तक जाने वाले मार्ग पर खोजबीन शुरू की। तभी पनकी में ही एक गुमटी के बाहर वैभव की साइकिल खड़ी मिली। गुमटी वाले ने बताया कि एक लड़का आया था। उसने कहा था कि आधा घंटे में आकर साइकिल ले जाऊंगा लेकिन वह आया नहीं।