खुशी के वकील ने जताई आपत्ति
सीसीटीवी कैमरे में संबंध में खुशी के वकील शिवाकांत दीक्षित ने आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि देर रात चोरी छीपे खुशी के घर के आसपास कैमरे लगवाना पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े करने वाला है। अगर पुलिस ने सुरक्षा की दृष्टिकोण से कैमरे लगवाएं है तो कोई बात नहीं, लेकिन उनका गलत उपयोग न हो।
इन शर्तों पर हुई है खुशी की रिहाई
- प्रत्येक सप्ताह के प्रथम दिन चौबेपुर थानाध्यक्ष के सामने हाजिरी लगानी होगी।
- खुशी न तो किसी अपराधी के संपर्क में आएंगी और न ही अपराध में लिप्त होंगी।
- प्रत्येक तिथि पर न्यायालय में उपस्थित होंगी।
- जमानत का दुरुपयोग नहीं करेंगी।
- अभियोजन साक्ष्यों से छेड़छाड़ नहीं करेंगी।
मैं अभागी हूं, सुहाग भी उजड़ गया, आरोपी भी बना दी गई
बिकरू कांड की आरोपी खुशी दुबे ने रविवार को परिवार संग पनकी स्थित हनुमान मंदिर में पूजा अर्चना की। पूरे दिन उसके घर पर रिश्तेदारों और मोहल्ले वालों का आनाजाना लगा रहा। कई संस्थाओं के लोगों ने परिवार से संपर्क किया है।
रविवार को मीडिया से खुशी बोली कि मैं तो ऐसी अभागी हूं कि महज कुछ दिन सुहागिन रही। ऊपर से पुलिस ने अपराधी बना दिया। मेरे साथ जो हुआ वह किसी दुश्मन के भी साथ न हो। बता दें, दो जुलाई 2020 को दहशतगर्द विकास दुबे ने साथियों संग मिलकर सीओ समेत आठ पुलिस कर्मियों को मारा था।
मामले में पुलिस ने विकास दुबे, खुशी के पति अमर दुबे समेत छह बदमाशों को मार गिराया था। चार दिन पहले शादी करके आई खुशी दुबे केस में सह आरोपी हैं। एफआईआर में पुलिस ने लिखा कि पुलिस पर हमले के दौरान खुशी चिल्ला चिल्ला कर पुलिस की लोकेशन बता रही थी। साथ ही पति को कारतूस उठा कर दे रही थी।