बड़ी उम्मीद के साथ शुरू हुई कानपुर फर्टिलाइजर्स एंड सीमेंट लि. (केएफसीएल) भी बंदी की राह पर है। सब्सिडी की रकम न मिलने के कारण शहर के इस सबसे बड़े प्लांट में इस महीने कर्मचारियों को वेतन ही नहीं दिया जा सका। बोनस और एडवांस भी बंद हो गया है।
1200 करोड़ रुपये से ज्यादा की सब्सिडी बकाया होने के चलते प्रबंधन अब प्लांट शट डाउन करने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए बैठकों का दौर आरंभ हो गया है। डंकन्स फर्टिलाइजर्स का अधिग्रहण करके जेपी समूह ने केएफसीएल का संचालन आरंभ किया था।
कई अरब रुपए खर्च करके इसे चलने लायक बनाया गया। बीते वर्ष जुलाई में प्लांट फुल स्विंग में चलना आरंभ हुआ था मगर अगस्त माह से फर्टिलाइजर मिनिस्ट्री ने सब्सिडी की फाइल अटका दी। इसका नतीजा यह हुआ कि सात माह तक सब्सिडी न मिलने के चलते बकाएदारी 1200 करोड़ रुपए से ज्यादा की हो गई।
इसके चलते प्लांट में गेल से आने वाली गैस का अरबों रुपए का बकाया हो गया है। हाल ही में केस्को ने पंद्रह करोड़ रुपये का बिल थमा दिया है। गेल गैस बंद करने की धमकी दे रहा है और केस्को कनेक्शन काटने की। पैसे की तंगी से जूझती कंपनी फरवरी माह का वेतन भी नहीं बांट पाई।
होली पर भी बोनस या एडवांस कर्मचारियों को नहीं मिला। इन स्थितियों को देखते हुए केएफसीएल प्रबंधन प्लांट को बंद करने की सोचने लगा है। कानपुर से लेकर दिल्ली तक उच्चस्तरीय बैठकें होना शुरू हो गई हैं।
भारत सरकार से सब्सिडी के रूप में लगभग 1200 करोड़ रुपये मिलने हैं। सब्सिडी की रकम न मिलने के कारण ही सारी समस्या खड़ी हो गई है। प्लांट का संचालन करना काफी मुश्किल हो रहा है। उधर, केस्को और गेल की भी अरबों रुपये की बकायेदारी हो गई है। इसी के चलते कर्मचारियों का वेतन फिलहाल इस महीने नहीं दिया गया है।
- ब्रिगेडियर केएस रॉव, फैक्ट्री मैनेजर, केएफसीएल