संवाद न्यूज एजेंसी
दुष्कर्म के दोषी को दस साल का कारावास
कानपुर देहात। चौबेपुर क्षेत्र के एक गांव निवासी किशोरी को बहला फुसलाकर ले जाने और तीन माह तक दुष्कर्म करने के मामले में कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार दिया। उसे दस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। वहीं आरोपी के माता-पिता को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया।
चौबेपुर क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़िता की मां ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह ईंट पथाई का काम कर परिवार की जीविका चलाती है। 11 मार्च 2011 को कानपुर नगर के सिविल लाइन उर्सला अस्पताल के पास रहने वाले अमित उर्फ रोमियो अपनी मां ममता और बुआ मंजू के साथ उसके घर आया। घर पर मौजूद उसके पुत्र को दस रुपये देकर कुछ खा लेने को कहकर उसे बाहर भेज दिया। इसी दौरान उसकी सत्रह वर्षीय पुत्री को बहला फुसलाकर शादी कराने का झांसा देकर ले गए। पुत्री का पता लगाने अमित के घर गई तो वहां मौजूद अमित के पिता संतोष, मां ममता व बुआ मंजू ने गाली गलौज की और मारपीट पर आमादा हो गए।
मामले की विवेचना दौरान तीन माह बाद किशोरी आरोपी युवक के चंगुल से लौटी। इधर कोर्ट के आदेश पर दर्ज केस में पुलिस ने पीड़िता के बयानों व चिकित्सीय रिपोर्ट के आधार पर आरोपी युवक अमित उर्फ रोमियो के खिलाफ दुष्कर्म सहित अन्य धाराओं व आरोपी संतोष व ममता के खिलाफ किशोरी को बहला फुसलाकर ले जाने व मारपीट की धाराओं में आरोपपत्र अदालत में पेश किए थे।
मामले की सुनवाई अपर जिला जज/एफटीसी प्रथम सुरेंद्र सिंह की अदालत में चल रही थी। बुधवार को अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए दोनों पक्षों की दलीलें सुनी। इसके बाद आरोपी अमित उर्फ रोमियो को दोषसिद्ध करते हुए दस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। उसपर सत्रह हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। वहीं आरोपी संतोष व ममता को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया है।