इसके लिए उन्होंने सुझाव आमंत्रित किए। काउंसिल ऑन एनर्जी एनवायरनमेंट एंड वॉटर की प्रोग्राम लीडर तनुश्री गांगुली ने कहा बताया कि बड़े निर्माण स्थलों पर पैदा होने वाली धूल और कचरे के प्रबंधन के लिए नियम हैं, लेकिन इनका अनुपालन काफी सीमित है। इसमें नगर निगम, पीडब्ल्यूडी, यूपीएमआरसी, सेतु निगम, जल निगम, जलकल विभाग के जीएम, एनएचएआई के अधिकारी शामिल रहे।
कूड़ा निस्तारण प्लांट की रिटेनिंग वॉल जल्द बनाने के निर्देश
इससे पहले नगर आयुक्त शिवशरणप्पा जीएन ने मंगलवार को कूड़ा निस्तारण प्लांट के निरीक्षण के दौरान वहां पांडु नदी की तरफ निर्माणाधीन रिटेनिंग वॉल का कार्य जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि बरसात में पांडु नदी में जलस्तर बढ़ने पर पानी को इस प्लांट में आने से रोका जा सके। प्लांट सुचारू रूप से संचालित होता रहे। प्लांट में बंद यूनिट भी जल्द चलाने को कहा।
प्लांट के दाहिनी ओर राम लखन भट्ट डिग्री कालेज की तरफ निर्माणाधीन बाउंड्री भी जल्द बनवाने को कहा। प्लांट में प्रशासनिक भवन के बगल से लगभग 2 लाख मीट्रिक टन कूड़ा हटने से खाली हुई जगह पर पौधरोपण, सुंदरीकरण कराने के निर्देश दिए। वहां बन रहे मृत मवेशियों के निस्तारण के लिए बन रहे मॉडर्न कार्कस यूटिलाइजेशन प्लांट के कार्य पर संतोषजनक जताया। तेजी लाकर इसे जल्द पूरा कराने को कहा। निरीक्षण के दौरान प्लांट के प्रोजेक्ट मैनेजर शशांक दीक्षित, जोनल स्वच्छता अधिकारी अरविंद यादव आदि मौजूद रहे।