कानपुर। जूही कला में आवास के लिए आरक्षित प्लाटों को बेचने के मामले में केडीए अभी तक कड़ियां नहीं जोड़ पाया है। इससे आरक्षित जमीन को बेचने वाले की जानकारी नहीं हो पा रही है। इन्हीं प्लाटों पर बृज किशोरी दुबे स्कूल व कई मकान बने हैं। कई जमीन भी खाली हैं। चर्चित वकील अखिलेश दुबे से जुड़े जिन 17 मामलों में केडीए ने 10 दिन पहले नोटिस दिए थे उन पर केडीए फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है। किशोरी वाटिका सहित दो निर्माणों के मामले की सुनवाई मंडलायुक्त करेंगे।
चर्चित वकील के खिलाफ विभिन्न संपत्तियों पर किए गए अवैध कब्जों, निर्माणों के मामले में शिकायत की गई थी। इसमें जूही कला योजना द्वितीय डब्ल्यू वन ब्लाक स्थित भूखंड संख्या - 558/1 का क्षेत्रफल 1758 वर्ग गज है। इसमें संबाखेरेश्वर आशुतोष धाम बना है। भूखंड संख्या- 558 ई 1 से 10 में मकान बने हैं। इन भवनों का बैनामा किसने किया और भवनों के मानचित्र स्वीकृत हैं या नहीं यह भी पूछा गया था। एडीएम (सिटी) की अध्यक्षता वाली कमेटी ने इसकी जांच की तो शिकायत सही पाई गई। इसमें संबाखेरेश्वर आशुतोष धाम, संत निरंकारी सत्संग भवन और पांच अध्यासित आवासीय भवन बने हैं। यह जमीन पूर्व में केडीए की अर्जित व कब्जा प्राप्त है जिसे कर्मचारी नगर कोआपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी लिमिटेड के सचिव रामप्रसाद गुप्ता ने किस अधिकार से बेच दी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है।
केडीए सचिव अभय कुमार पांडेय ने बताया कि यह जमीन काश्तकार से कर्मचारी नगर कोआपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी लिमिटेड को कैसे मिली या किस आधार पर मिली, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है। इसकी जांच की जा रही है। हालांकि समिति के मकानों के लिए आरक्षित जमीन बेचने के साक्ष्य मिले हैं। किशोरी वाटिका सहित कुछ मामलों में उच्च न्यायालय ने मंडलायुक्त को सुनवाई करने के लिए कहा है। तेजाब मिल कालोनी के निर्माण सहित अन्य मामलों की जांच चल रही है।