कानपुर। जमीन कब्जाने के आरोप में जेल में बंद हिस्ट्रीशीटर अधिवक्ता दीपक जादौन ने नौबस्ता पुलिस को दिए बयान में खुद को बेकसूर बताया। न्यायालय में समर्पण करने के बाद शनिवार को पहली बार दीपक के बयान दर्ज करने पुलिस जेल गई थी। पुलिस ने करीब एक घंटे तक पूछताछ की इसमें आरोपी ने कई बार पुलिस को गुमराह किया। उसने कहा कि उसे साजिशन फंसाया गया है।
26 अगस्त को दीपक ने सिखों वाली पगड़ी पहनकर कोर्ट में समर्पण किया था। इसके बाद नौबस्ता पुलिस ने उससे पूछताछ के लिए न्यायालय में अर्जी दी थी। यह स्वीकार होने के बाद विवेचक इंस्पेक्टर नदीम शनिवार शाम उसके बयान दर्ज करने जेल पहुंचे थे। वहां दीपक ने कहा कि वह पूरी तरह निर्दोष है। उसे फंसाया गया है। उसका दीनू उपाध्याय और नारायण सिंह भदौरिया से कोई लेना-देना नहीं रहा है।
बता दें कि 18 मई को किदवईनगर के एम ब्लाॅक निवासी भाजपा नेता अनूप तिवारी नेता ने नारायण सिंह भदौरिया और उसके भाई दिनेश, संजीव राणा समेत 15 के खिलाफ चाचा की जमीन पर कब्जा कर बेचने और धमकाने का आरोप लगाकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसी मामले में दीपक जादौन का नाम भी प्रकाश में आया था। विवेचना अधिकारी नदीम अहमद सिद्दीकी ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर जेल में दीपक जादौन के बयान दर्ज किए गए हैं। (संवाद)