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Kanpur: फंदा लगाने जा रहा था युवक, मेटा के ‘अलर्ट’ ने पुलिस को किया सक्रिय, सात मिनट में घर पहुंचकर बचाई जान

Sat, 13 Jun 2026 10:36 AM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: मंगेतर से विवाद के बाद खुदकुशी का प्रयास कर रहे कानपुर के एक युवक को मेटा के सुसाइडल अलर्ट सिस्टम और पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने बचा लिया। सूचना मिलते ही सात मिनट में मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने युवक को सकुशल फंदे से उतार लिया।
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फंदा लगाने वाले युवक को समझाते परिजन - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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अगर कुछ मिनट और देर हो जाती तो एक परिवार अपने बेटे को खो चुका होता। मंगेतर से विवाद के बाद मानसिक तनाव में आए एक युवक ने फंदा लगाकर जान देने का फैसला कर लिया। उसने फंदा लगाकर वीडियो इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर दिया, लेकिन सोशल मीडिया पर अपलोड हुआ यही वीडियो उसकी जिंदगी बचाने का कारण बन गया।

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मेटा के सुसाइडल अलर्ट सिस्टम ने खतरे को भांप लिया और सूचना पुलिस तक पहुंच गई। इसके बाद कानपुर पुलिस ने महज सात मिनट में युवक के घर पहुंचकर उसे मौत के मुंह से बाहर निकाल लिया। घटना 12 जून की रात नौ बजे सेनपश्चिम पारा यशोदानगर की घटना है।

मेटा कंपनी ने लखनऊ सेंटर को अलर्ट भेजा
सेन पुलिस के अनुसार, मेटा कंपनी ने पुलिस मुख्यालय स्थित सोशल मीडिया सेंटर लखनऊ को एक अलर्ट भेजा।  अलर्ट में थाना सेन पश्चिम पारा क्षेत्र से लगभग सर्वेश गाैड़ (30) द्वारा इंस्टाग्राम पर आत्महत्या संबंधी वीडियो पोस्ट किए जाने की जानकारी दी गई थी।

कानपुर पुलिस की मीडिया सेल को भेजी गई जानकारियां
वीडियो में युवक अपने घर में फंदा लगाने का प्रयास करता दिखाई दे रहा था। पुलिस मुख्यालय से सूचना तत्काल कानपुर पुलिस की मीडिया सेल को भेजी गई। रात में ड्यूटी पर तैनात उपनिरीक्षक गोपी कृष्ण और कांस्टेबल शैलेंद्र सिंह ने बिना समय गंवाए युवक की लोकेशन, मोबाइल नंबर और अन्य जरूरी जानकारियां जुटाकर सेन पश्चिम पारा पुलिस को भेज दीं।

युवक का मंगेतर से हो गया था विवाद
सूचना मिलते ही उपनिरीक्षक कादिर खान और उपनिरीक्षक हरवीर सिंह टीम के साथ युवक के घर के लिए रवाना हो गए।  पुलिस टीम मात्र सात मिनट में मौके पर पहुंच गई। पुलिसकर्मियों ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए उसे सुरक्षित बचा लिया और नीचे उतार लिया। पूछताछ में युवक ने बताया कि उसका मंगेतर से विवाद हो गया था।
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प्रदेश में 3081 लोगों की जान बचाई है
इसके बाद उसने उसका मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिया, जिससे वह मानसिक तनाव में चला गया। इसी वजह से उसने गलत कदम उठाने का प्रयास किया। कमिश्नरी पुलिस के अनुसार, मेटा के सुसाइडल अलर्ट सिस्टम के जरिये उप्र पुलिस ने एक जनवरी 2023 से आठ जून 2026 तक इस पहल के माध्यम से प्रदेश में 3081 लोगों की जान बचाई है।
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